एमपी नगर में आमने-सामने भिड़ीं दो कारें, दंपती घायल; हादसे के बाद फिर उठी स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग

कोरबा ( शिखर दर्शन ) // शहर के एमपी नगर क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम दो कारों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में पंडित रविशंकर शुक्ला नगर निवासी आशीष अग्रवाल और उनकी पत्नी घायल हो गए। दोनों को तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कारों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। दुर्घटना की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि दुर्घटना में शामिल एक कार का चालक और उसका साथी नशे की हालत में दिखाई दे रहे थे। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि जांच और आवश्यक परीक्षण के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
संयोगवश घटना के समय सिविल लाइन थाना प्रभारी आस्था शर्मा अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त पर थीं। सूचना मिलते ही पुलिस और डायल-112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ ही सड़क पर लगी भीड़ हटाकर यातायात व्यवस्था सामान्य कराई।
थाना प्रभारी आस्था शर्मा ने बताया कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने और तथ्यों की पुष्टि के बाद संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
लगातार हादसों के बावजूद नहीं बने स्पीड ब्रेकर
गौरतलब है कि शहर में नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चलाकर चालान और जुर्माने की कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद सड़क दुर्घटनाओं में अपेक्षित कमी नहीं आ रही है।
घंटाघर चौक से पंडित रविशंकर शुक्ला नगर होते हुए दादर मार्ग तक का यह मार्ग लंबे समय से दुर्घटना संभावित माना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ वर्ष पहले इसी मार्ग पर हुए एक सड़क हादसे में एक युवती की मौत के बाद तत्कालीन महापौर राजकिशोर प्रसाद ने यहां स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक उनका निर्माण नहीं हो सका।
लगातार हो रहे हादसों के बाद स्थानीय नागरिकों ने एक बार फिर इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर, स्पष्ट यातायात संकेतक और प्रभावी गति नियंत्रण व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।



