मानसून सत्र से पहले भाजपा ने कसी कमर

विधायक दल की बैठक में रणनीति तय, मंत्री केदार कश्यप बोले— कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव का मिलेगा करारा जवाब
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले सत्ता पक्ष ने अपनी राजनीतिक और विधायी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में सभी मंत्री, विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए तथा आगामी सत्र में सरकार की रणनीति, विपक्ष के संभावित मुद्दों और सदन में प्रभावी जवाब देने की तैयारी पर विस्तृत चर्चा की गई।
‘विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने को सरकार तैयार’
बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी विधायकों ने भाग लिया और मानसून सत्र की तैयारियों पर व्यापक मंथन किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विपक्ष के हर सवाल का तथ्यों के साथ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। कांग्रेस द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार सदन में उसका मजबूती से जवाब देगी।

कांग्रेस पर साधा निशाना
केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के पास जनहित से जुड़े कोई ठोस मुद्दे नहीं हैं और वह केवल राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने के उद्देश्य से अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जनता पहले ही कांग्रेस पर अपना अविश्वास जता चुकी है और विधानसभा में भी सरकार पूरी मजबूती के साथ विपक्ष का सामना करेगी।
राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर भी हुई चर्चा
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि विधायक दल की बैठक में मानसून सत्र के साथ-साथ राजनीतिक और संगठनात्मक विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सरकार सदन में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगी।
सत्र से पहले तेज हुई राजनीतिक हलचल
मानसून सत्र से पहले प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर आगामी सत्र की तैयारियों और सदन के सुचारु संचालन को लेकर चर्चा की। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर सत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। इन बैठकों को आगामी सत्र की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस
आगामी मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के संकेत हैं। कांग्रेस कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, खाद-बीज की उपलब्धता, बिजली-पानी संकट, सड़क निर्माण, मानसून के दौरान व्यवस्थाओं और रायपुर के नकटी गांव से जुड़े भूमि विवाद जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा सिंचाई व्यवस्था, धान खरीदी की तैयारियों और विस्थापन से जुड़े विषय भी विधानसभा में प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है।



