पद्मश्री पं. रामलाल बरेठ को मिलेगा ‘अकादमी रत्न’ सम्मान, बिलासपुर में हुआ आत्मीय अभिनंदन

संगीत नाट्य अकादमी की सर्वोच्च फेलोशिप से सम्मानित किए जाने की घोषणा पर साहित्य एवं कला जगत में हर्ष, शाल-श्रीफल भेंट कर किया सम्मान
बिलासपुर (शिखर दर्शन) // भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पंडित रामलाल बरेठ को संगीत नाट्य अकादमी की सर्वोच्च फेलोशिप ‘अकादमी रत्न’ से सम्मानित किए जाने की घोषणा के बाद बिलासपुर में हर्ष का माहौल है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी (राष्ट्रीय समिति) द्वारा अज्ञेय नगर स्थित कार्यालय में पं. बरेठ का शाल एवं श्रीफल भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) तथा थावे विद्यापीठ गोपालगंज (बिहार) के कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक ने कहा कि पं. रामलाल बरेठ ने बनारस, जयपुर और लखनऊ घरानों की विशिष्टताओं का समन्वय कर रायगढ़ घराने को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि पं. बरेठ और उनके शिष्य कथक नृत्य की समृद्ध परंपरा को संरक्षित एवं संवर्धित करने में समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। यह सम्मान केवल पं. बरेठ का नहीं, बल्कि रायगढ़ घराने, छत्तीसगढ़ और संपूर्ण कला जगत का सम्मान है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व आईएसएस अधिकारी तथा समीक्षक डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि पं. बरेठ की कथक साधना आज देशभर में अपनी छाप छोड़ रही है। उन्होंने कहा कि संगीत नाट्य अकादमी द्वारा ‘अकादमी रत्न’ सम्मान की घोषणा से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरा देश गौरवान्वित हुआ है।
इस अवसर पर पं. रामलाल बरेठ के सुपुत्र एवं नृत्याचार्य गुरु भूपेंद्र बरेठ ने कहा कि उनके पिता को मिला यह सम्मान पूरे परिवार और शिष्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह कला साधना और समर्पण की पहचान है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेगी।
कार्यक्रम का संचालन प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र दुबे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कोषाध्यक्ष विष्णु कुमार तिवारी ने किया।
समारोह में शैलेंद्र सिंह कछवाहा, डॉ. मंजूश्री वेदुला, लिप्सा पटेल (झारसुगुड़ा, ओडिशा), रीना झा, सृष्टि सिंह, रोशन गुप्ता, डॉ. विवेक तिवारी, डॉ. गजेंद्र तिवारी, आंचल पांडेय, आकांक्षा शर्मा, शत्रुघ्न जैसवानी, राजेश सोनार, राम निहोरा राजपूत, आशीष श्रीवास, डॉ. अंकुर शुक्ला, दिलावर सिंह, नित्या खत्री, अंजनी मिश्रा और अनन्या मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पं. बरेठ के शिष्य, साहित्यकार, कलाकार और प्रशंसक उपस्थित रहे।
पद्मश्री पं. रामलाल बरेठ को ‘अकादमी रत्न’ सम्मान मिलने की घोषणा को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और कथक परंपरा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।



