शेयर बाजार पर वैश्विक दबाव: सेंसेक्स 200 अंक टूटा, निफ्टी 23,100 के करीब फिसला

एशियाई और अमेरिकी बाजारों में बिकवाली का असर, IT, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी
मुंबई ( शिखर दर्शन ) // वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 200 अंक टूटकर 73,700 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी लगभग 100 अंक की गिरावट के साथ 23,100 के आसपास कारोबार करता रहा। आईटी, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली देखी गई।
एशियाई बाजारों में दिखी कमजोरी
गुरुवार को प्रमुख एशियाई बाजारों में भी दबाव का माहौल बना रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,616 अंक पर कारोबार करता दिखा। जापान का निक्केई 940 अंक टूटकर 63,240 पर पहुंच गया, जबकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स भी लगभग 1 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,168 अंक के स्तर पर रहा।
अमेरिकी बाजारों में भी रही बड़ी गिरावट
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। डाउ जोन्स इंडेक्स 953 अंक लुढ़ककर 49,919 पर बंद हुआ। नैस्डैक में 509 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि एसएंडपी 500 इंडेक्स भी 120 अंक टूटकर 7,267 के स्तर पर बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का असर वैश्विक निवेशकों की धारणा पर भी पड़ा है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) की बिकवाली का सिलसिला जारी है। 10 जून को विदेशी निवेशकों ने 2,125 करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 3,124 करोड़ रुपए की खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा दिया।
सात और तीस दिन के आंकड़े भी चिंताजनक
पिछले सात कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों ने 21,023 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की है। वहीं पिछले 30 दिनों में यह आंकड़ा 77,855 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। दूसरी ओर घरेलू निवेशकों ने सात दिनों में 23,582 करोड़ रुपए और पिछले 30 दिनों में 95,728 करोड़ रुपए की खरीदारी कर बाजार में संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया है।
पिछले कारोबारी सत्र में रहा था मिला-जुला रुख
बुधवार को बाजार में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला था। सेंसेक्स 64 अंक की बढ़त के साथ 73,983 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 27 अंक फिसलकर 23,215 के स्तर पर बंद हुआ था।
निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की कमजोरी निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करेगी। वहीं घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी बाजार को बड़े उतार-चढ़ाव से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।



