कोटमीकला ज्वेलरी कारोबारी हत्याकांड का पर्दाफाश: बिहार-झारखंड गिरोह के सात आरोपी गिरफ्तार, हथियार और लूटे गए आभूषण बरामद

बाजार में कारोबारी की गोली मारकर की थी हत्या, दो सप्ताह की जांच के बाद पुलिस ने सुलझाया चर्चित मामला; टीम को मिलेगा एक लाख का इनाम
पेंड्रा ( शिखर दर्शन ) // कोटमीकला साप्ताहिक बाजार में ज्वेलरी व्यवसायी प्रदीप सोनी की हत्या और लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में शामिल सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त हथियार, जिंदा कारतूस, लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण, मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और कार बरामद की है। इस चर्चित हत्याकांड के खुलासे पर बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने पुलिस टीम के लिए एक लाख रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की है।
झारखंड से बनाई गई थी हत्या और लूट की साजिश
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वारदात की पूरी साजिश झारखंड और बिहार के अपराधियों ने रची थी। आरोपी ट्रेन के जरिए अकलतरा पहुंचे, जहां मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड खुशीराम साहू उन्हें अपने गांव बिटकुला लेकर गया। इसके बाद आरोपियों ने खम्हरिया स्थित एक शोरूम से मोटरसाइकिल खरीदी और क्षेत्र में ज्वेलरी कारोबारियों की रेकी शुरू कर दी।
लंबी निगरानी के बाद कोटमीकला साप्ताहिक बाजार में व्यवसायी प्रदीप सोनी को निशाना बनाया गया।
विरोध करने पर मार दी गोली
26 मई को आरोपी कोटमीकला बाजार पहुंचे और प्रदीप सोनी से लूटपाट का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार जब प्रदीप सोनी ने बदमाशों का डटकर मुकाबला किया तो आरोपी राहुल उर्फ मनीष मंडल ने अवैध हथियार से उन पर गोली चला दी। गोली लगने से प्रदीप सोनी की मौके पर ही मौत हो गई और आरोपी सोना-चांदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
जंगल में छिपे रहे, फिर बांट लिया माल
वारदात के बाद आरोपी जंगल के रास्ते भाग निकले, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण पूरी रात बोदरापारा-तिलोरा के जंगलों में छिपे रहे। अगले दिन उन्होंने स्थानीय लोगों से रास्ते की जानकारी ली और लूटे गए आभूषणों का आपस में बंटवारा कर अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए।
मुख्य शूटर मनीष मंडल अपने साथियों के साथ बस और ट्रेन से झारखंड भाग गया, जबकि मास्टरमाइंड खुशीराम साहू मोटरसाइकिल से देवरीखुर्द होते हुए बस्तीबगरा पहुंचा और अपने दामाद श्रेयांस शुक्ला को लूट के जेवरों का हिस्सा सौंप दिया।
तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
घटना के बाद बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में विशेष जांच टीम गठित की गई। साइबर सेल, एसीसीयू, जीपीएम, बिलासपुर और मुंगेली पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों की सूचना के आधार पर बिहार और झारखंड तक पहुंचकर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों से यह सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर—
- 2 देशी कट्टे
- 4 जिंदा कारतूस
- 1 खोखा
- करीब 40 ग्राम सोने के आभूषण
- 4 किलो 480 ग्राम चांदी के आभूषण
- 7 मोबाइल फोन
- 2 मोटरसाइकिल
- 1 स्विफ्ट कार
बरामद की है।
कई आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ के खिलाफ बिहार और झारखंड में लूट, चोरी और अन्य गंभीर अपराधों के मामले पहले से दर्ज हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
चर्चित हत्याकांड के सफल खुलासे पर बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने जांच में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को एक लाख रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। पुलिस अधिकारियों ने इसे अंतरराज्यीय अपराधियों के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है।




