MP के डेढ़ लाख शिक्षकों पर टिकी सुप्रीम कोर्ट की नजर: पात्रता परीक्षा मामले में कल होगी बड़ी सुनवाई

ओपन कोर्ट में होगी सुनवाई, प्रदेशभर के शिक्षकों की बढ़ी उम्मीदें
भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों से जुड़े शिक्षक पात्रता परीक्षा मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में बेहद अहम सुनवाई होने जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर सर्वोच्च अदालत ओपन कोर्ट में सुनवाई करेगी, जिस पर प्रदेशभर के शिक्षकों और शिक्षक संगठनों की निगाहें टिकी हुई हैं।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की बेंच करेगी सुनवाई
मिली जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की पीठ दोपहर 2 बजे कोर्ट नंबर 8 में मामले की सुनवाई करेगी। इस दौरान मध्य प्रदेश सरकार और विभिन्न शिक्षक संगठनों की ओर से दायर सभी रिव्यू पिटीशनों पर एक साथ विचार किया जाएगा।
शिक्षकों को राहत मिलने की जताई उम्मीद
राज्य शिक्षक संघ के अध्यक्ष जगदीश यादव ने कहा है कि शिक्षकों को न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने विश्वास जताया कि अदालत का फैसला शिक्षकों के हित में आएगा और उन्हें अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।
ओपन कोर्ट में सुनवाई को माना जा रहा महत्वपूर्ण
कानूनी जानकारों के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में रिव्यू पिटीशन की सुनवाई जजों के चेंबर में होती है, लेकिन इस मामले को ओपन कोर्ट में सुनना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे शिक्षक संगठनों के अधिवक्ताओं को अदालत के समक्ष सीधे अपनी दलीलें रखने का अवसर मिलेगा।
फैसले से तय होगा शिक्षकों का भविष्य
यह सुनवाई इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि प्रदेश के शिक्षकों को दोबारा शिक्षक पात्रता परीक्षा देनी होगी या उन्हें इससे राहत मिलेगी। मामले का असर सीधे तौर पर प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के भविष्य और सेवा शर्तों पर पड़ सकता है।
प्रदेशभर के शिक्षक संगठन और प्रभावित शिक्षक अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।



