महिला आरक्षण बिल पर सियासी घमासान: रायपुर में BJP की जनआक्रोश यात्रा, CM साय भी उतरे मैदान में

महिला मोर्चा के नेतृत्व में प्रदर्शन, विपक्ष पर साधा निशाना, 27 अप्रैल तक चलेगा आंदोलन
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित नहीं होने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने राजधानी रायपुर में सोमवार को जनआक्रोश यात्रा निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा महिला मोर्चा के नेतृत्व में निकली यह रैली बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से शुरू होकर सुभाष स्टेडियम पहुंची, जहां सभा आयोजित कर विपक्ष के खिलाफ नाराजगी जताई गई।
रैली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद रूपकुमारी चौधरी, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा और कमलेश जांगड़े सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
रैली और बयान के अहम बिंदु—
- महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होने पर BJP का प्रदर्शन
- महिला मोर्चा के नेतृत्व में निकली जनआक्रोश यात्रा
- नेताओं ने विपक्ष पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया
- राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा बोलीं—यह महिलाओं का आक्रोश है
भाजपा ने महिला आरक्षण बिल के मुद्दे को लेकर देशभर में चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति बनाई है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
आंदोलन का कार्यक्रम—
- 20 अप्रैल: प्रदेशभर में जन आक्रोश महिला पदयात्रा
- 23–24 अप्रैल: जन आक्रोश महिला सम्मेलन
- 26–27 अप्रैल: मंडल स्तर पर पुतला दहन
महिला आरक्षण से जुड़े इस विधेयक को पारित कराने के लिए केंद्र सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाया था, लेकिन मतदान के दौरान आवश्यक बहुमत नहीं मिलने के कारण बिल पास नहीं हो सका।
वोटिंग का गणित—
- पक्ष में: 298 वोट
- विरोध में: 230 वोट
- आवश्यक बहुमत: 352 वोट
प्रस्ताव में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान शामिल था। भाजपा इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि इसके पास न होने पर विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी और तेज होने के संकेत हैं।



