नारी शक्ति वंदन सम्मेलन: महिलाओं के सशक्तिकरण पर सरकार का बड़ा संदेश

अधिनियम और आरक्षण से महिला सशक्तिकरण को मिलेगी नई दिशा
इंदौर ( शिखर दर्शन ) // इंदौर में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक भागीदारी को लेकर महत्वपूर्ण विचार रखे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बताया ऐतिहासिक निर्णय

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय देश के इतिहास में एक निर्णायक कदम है। उनके अनुसार, इस अधिनियम के लागू होने के बाद महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और वे नीति निर्माण में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी।
महिला सशक्तिकरण पर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक उदाहरण
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भारतीय इतिहास की महान नारियों का उल्लेख करते हुए यशोदा माता, पन्नाधाय, लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर और रानी दुर्गावती जैसी विभूतियों को प्रेरणा स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं ने त्याग, साहस और नेतृत्व की अद्भुत मिसालें प्रस्तुत की हैं, जो आज भी समाज को दिशा देती हैं।
सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण पर बल देते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपराएं महिलाओं को सदैव सम्मान और शक्ति का प्रतीक मानती रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा।
इंदौर में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और प्रदर्शनी
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं ने मंच साझा किया और अपनी सहभागिता दर्ज कराई। महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया गया, जहाँ स्थानीय उत्पादों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाले प्रयासों को प्रदर्शित किया गया।



