पाकिस्तान की कोशिश फेल, अब पुतिन की एंट्री से बदलेगा खेल !

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच रूस ने दिया मध्यस्थता का ऑफर
मॉस्को/इस्लामाबाद ( एजेंसी ) // ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच अब रूस की एंट्री ने वैश्विक कूटनीति को नया मोड़ दे दिया है। पाकिस्तान में हुई लंबी शांति वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मध्यस्थता की पेशकश कर दी है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि मिडिल ईस्ट का यह संकट अब और बड़ा अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनता जा रहा है।
पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से फोन पर बातचीत में कहा कि रूस इस पूरे विवाद का राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान निकालने में मदद करने के लिए तैयार है। क्रेमलिन के मुताबिक, रूस क्षेत्र में स्थायी और संतुलित शांति स्थापित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है।
21 घंटे की वार्ता भी बेनतीजा
पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे चली बातचीत किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व कर रहे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बातचीत के बाद वापस लौट गए।
- अमेरिका ने दावा किया कि उसने ईरान को “अंतिम और सबसे बेहतर प्रस्ताव” दे दिया है
- ईरान ने कहा कि अमेरिकी पक्ष भरोसा जीतने में नाकाम रहा
- फिलहाल सीजफायर कायम है, लेकिन स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है
जंग बढ़ी तो दुनिया पर असर तय
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव फिर से युद्ध में बदलता है, तो इसका सीधा असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
- खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस सप्लाई प्रभावित हो सकती है
- ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल आ सकता है
- अंतरराष्ट्रीय बाजार और सप्लाई चेन पर असर पड़ेगा
रूस का अमेरिका पर हमला
रूस ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह ईरान के “काल्पनिक खतरे” का इस्तेमाल अपने रणनीतिक हितों के लिए कर रहा है। साथ ही वाशिंगटन के बयानों को निंदनीय बताया गया है।
नजरें अब अगले कदम पर
फिलहाल सीजफायर लागू है और दोनों देशों ने कोई नया हमला नहीं किया है, लेकिन हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या यह नाजुक शांति बनी रहती है या फिर मिडिल ईस्ट एक बार फिर बड़े संघर्ष की ओर बढ़ेगा।



