इस्लामाबाद में US–ईरान वार्ता, सुरक्षा के कड़े घेरे में कूटनीतिक हलचल

अमेरिकी उपराष्ट्रपति की अगुवाई में बातचीत, भारतीय-इजरायली पत्रकारों की एंट्री पर रोक
इस्लामाबाद (शिखर दर्शन) // पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज अमेरिका और ईरान के बीच अहम शांति वार्ता होने जा रही है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance कर रहे हैं, जो पाकिस्तान पहुंच चुके हैं। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत पाकिस्तानी सेना प्रमुख Asim Munir ने किया।
ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf के नेतृत्व में डेलिगेशन पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुका है। शुरुआती कार्यक्रम के अनुसार सुबह वार्ता शुरू होनी थी, लेकिन अब इसे दोपहर बाद तक के लिए टाल दिया गया है।
ट्रंप की सख्त चेतावनी से बढ़ा तनाव
वार्ता से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास बातचीत के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को लेकर उसकी नीति दुनिया के लिए खतरा बन रही है।
सुरक्षा के साये में कूटनीति
इस अहम बैठक को देखते हुए इस्लामाबाद को पूरी तरह हाई अलर्ट पर रखा गया है। रेड जोन इलाके को सील कर दिया गया है और शहर में कर्फ्यू जैसे हालात नजर आ रहे हैं। सड़कों पर बैरिकेडिंग, कमांडो तैनाती और आम लोगों की आवाजाही पर पाबंदियां लगा दी गई हैं।
पत्रकारों की एंट्री पर रोक से विवाद
शांति वार्ता के बीच पाकिस्तान ने भारतीय और इजरायली पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने इसे सुरक्षा और संवेदनशीलता से जुड़ा फैसला बताया है, लेकिन इस कदम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल भी उठ रहे हैं।
युद्धविराम की उम्मीद, दुनिया की नजर
करीब छह सप्ताह से जारी तनाव के बीच यह वार्ता बेहद अहम मानी जा रही है। पाकिस्तान इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बातचीत सफल होती है तो क्षेत्र में शांति की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है, वहीं विफलता की स्थिति में तनाव और बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।



