पेट्रोल-डीजल की अफवाह से देशभर में हड़कंप, पंपों पर उमड़ी भीड़; सरकार बोली—स्टॉक पर्याप्त

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह ने अचानक हालात बिगाड़ दिए। 24 मार्च से फैली इस खबर के बाद कई राज्यों में लोग घबराकर पेट्रोल पंपों पर टूट पड़े। स्थिति ऐसी हो गई कि कई जगह लंबी-लंबी कतारें लग गईं और लोग ड्रम, केन, बोतल और टंकियों में ईंधन भरवाने लगे।
हालांकि केंद्र और राज्य सरकारों ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।
कई राज्यों में दिखा असर
इस अफवाह का असर एक-दो राज्यों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई हिस्सों में एक जैसी स्थिति देखने को मिली।
- महाराष्ट्र के अमरावती में कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की खबर से बिक्री बंद करनी पड़ी। जहां ईंधन उपलब्ध था, वहां भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
- गुजरात में अहमदाबाद से शुरू हुई अफवाह वडोदरा, गांधीनगर, सूरत और राजकोट तक फैल गई, जिससे पंपों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
- मध्य प्रदेश में इंदौर, भोपाल, उज्जैन, मंदसौर और आगर मालवा में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े। कई जगह 1-2 किलोमीटर लंबी लाइनें लग गईं।
- राजस्थान में पेट्रोल पंप बंद होने की अफवाह ने बीकानेर, उदयपुर, जालोर, आबूरोड और सलूम्बर में हड़कंप मचा दिया।
- उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर और श्रावस्ती में भी पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ गई।
प्रशासन अलर्ट, कई पंप बंद
स्थिति को संभालने के लिए पुलिस-प्रशासन को कई जगह मोर्चा संभालना पड़ा। भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए कुछ पेट्रोल पंपों को अस्थायी रूप से बंद भी किया गया। अधिकारियों का कहना है कि अचानक बढ़ी मांग के कारण सप्लाई पर दबाव जरूर पड़ा है, लेकिन किसी प्रकार की वास्तविक कमी नहीं है।
सरकार की अपील
सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई चेन सामान्य है। लोगों से अपील की गई है कि घबराहट में अनावश्यक स्टॉक न करें, क्योंकि इससे कृत्रिम कमी पैदा होती है।
👉 कुल मिलाकर, यह स्थिति अफवाहों के कारण बनी है, न कि वास्तविक संकट की वजह से। ऐसे में सावधानी और जागरूकता ही हालात को सामान्य बनाए रखने का सबसे बड़ा उपाय है।


