दुर्ग संभाग
नाबालिग प्रसूति कांड: कृष्णा हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश

पुलिस ने नेशनल मेडिकल कमीशन को लिखा कड़ा पत्र
राजनांदगांव ( शिखर दर्शन ) // नाबालिग की प्रसूति और अस्पताल की लापरवाही के मामले में राजनांदगांव पुलिस ने बड़ा कदम उठाया। एसपी अंकिता शर्मा ने कृष्णा हॉस्पिटल और डायरेक्टर डॉ. दीपक पंसारी का मेडिकल रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश नेशनल मेडिकल कमीशन को भेजी है।
अस्पताल में संगठित आपराधिक गतिविधियां
- जांच में पता चला कि अस्पताल में अवैध प्रसव कराए जा रहे थे और जन्म रिकॉर्ड में हेरफेर किया जा रहा था।
- नाबालिग पीड़ित से जुड़े गंभीर अपराध और गैरकानूनी गतिविधियों के लिए अस्पताल का उपयोग किया जा रहा था।
- डॉ. दीपक पंसारी पर प्रशासन, निगरानी और नियमों का पालन न करने का आरोप है; उनकी गिरफ्तारी हो चुकी है।
- जांच में डॉ. विजय राज मुख्य साजिशकर्ता पाए गए, जो फिलहाल फरार हैं।
2000 रुपये में डिलीवरी: स्वास्थ्य व्यवस्था को खतरा
- अस्पताल में डॉक्टरों को प्रति प्रसव 2000 रुपये पर नियुक्त किया जा रहा था।
- यह भारतीय चिकित्सा परिषद के प्रोफेशनल कंडक्ट, एथिक्स और एटिकेट नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
- आरोपों में मेडिकल लापरवाही, पेशे का दुरुपयोग और आपराधिक साजिश शामिल हैं।
सख्त कार्रवाई की सिफारिश
- एसपी अंकिता शर्मा ने सिफारिश की कि डॉ. दीपक पंसारी का मेडिकल लाइसेंस तत्काल निलंबित/रद्द किया जाए।
- कृष्णा हॉस्पिटल का लाइसेंस भी निरस्त किया जाए और सभी दोषी डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू हो।
- राज्य चिकित्सा परिषद को भी पत्र की प्रति भेजी गई है।
गिरफ्तारी और न्यायिक अभिरक्षा
- अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
- गिरफ्तार लोगों में डॉ. दीपक पंसारी, रवि बर्वे, मोना बर्वे, शमुएल ढोके, रायशीला उर्फ दीपिका यादव, गेशू देवांगन, गोवर्धन यादव, विनिता बाई यादव, आरती उइके शामिल हैं।



