13 फरवरी महाकाल भस्म आरती: राजाधिराज रूप में सजे भगवान महाकालेश्वर, दिव्य श्रृंगार के साथ करें घर बैठे दर्शन

उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर शुक्रवार तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। अल सुबह आयोजित भस्म आरती विशेष और दिव्य श्रृंगार के साथ संपन्न हुई। गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना प्रारंभ की गई।
सबसे पहले गर्भगृह में स्थापित समस्त देवी-देवताओं का पूजन किया गया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जल, दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक हुआ। विधि-विधान से पूजन के बाद बाबा महाकाल को राजाधिराज स्वरूप में अलंकृत किया गया।
भस्म अर्पण से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के साथ भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के उपरांत ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर पवित्र भस्म रमाई गई। इसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला एवं सुगंधित पुष्पमालाओं से भगवान का दिव्य श्रृंगार किया गया।
सुबह आयोजित भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं कही और आशीर्वाद मांगा। मंदिर परिसर जय जय श्री महाकाल, हर हर महादेव, हर हर शंभू और ॐ नमः शिवाय के जयघोष से गूंजायमान हो उठा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।



