अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर सख्त कार्रवाई: AIU सदस्यता रद्द, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी रिकॉर्ड्स की फॉरेंसिक ऑडिट के आदेश दिए, ईडी जांच में सक्रिय
नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन पर हुए धमाके के बाद एशोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी (AIU) ने हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता रद्द कर दी है। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय से जुड़े विवादों और जांच एजेंसियों की सक्रियता के मद्देनजर की गई है।
जांच के दौरान इस विश्वविद्यालय से जुड़े डॉ. उमर नबी, डॉ. शाहिद, डॉ. निसार-उल-हसन और डॉ. मुजम्मिल को हिरासत में लिया गया है। सदस्यता रद्द होने के बाद अब अल-फलाह यूनिवर्सिटी AIU के मान्यता प्राप्त संस्थानों की सूची से बाहर हो गई है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने भी विश्वविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए हैं और स्पष्ट किया है कि किसी भी निर्णय से पहले केवल वास्तविक सबूतों का इंतजार किया जा रहा है।
साथ ही, केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालय के सभी रिकॉर्ड्स की फॉरेंसिक ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं। ईडी और अन्य वित्तीय एजेंसियों को अल-फलाह यूनिवर्सिटी के धन के स्रोत और लेन-देन की जांच करने को कहा गया है। यह निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद लिया गया, जो करीब डेढ़ घंटे चली और इसमें जांच की प्रगति की समीक्षा की गई।
सूत्रों के मुताबिक, अल-फलाह यूनिवर्सिटी हरियाणा के फरीदाबाद जिले के धौज में स्थित एक निजी विश्वविद्यालय है, जिसके परिसर में अस्पताल भी चलता है। कभी अपनी बेहतरीन सुविधाओं और उन्नत शिक्षा प्रणाली के लिए जानी जाने वाली यह यूनिवर्सिटी अब जांच और मान्यता रद्द होने के कारण सुर्खियों में है। यदि जांच में सबूत सामने आते हैं, तो यूनिवर्सिटी की मान्यता पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
