दिल्ली

बाबरी मस्जिद का बदला लेना चाहते थे व्हाइट कॉलर आतंकी : देशभर में 32 कारों से धमाके की थी योजना; अकेले दिल्ली NCR में ही फटने वाले थे 200 बम

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // राजधानी के लाल किले के पास हुई हालिया बम विस्फोट की जांच में एक भयावह और सुनियोजित आतंकवादी साजिश का खुलासा हुआ है। जांचकर्ताओं के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े ‘डॉक्टर मॉड्यूल’ ने 6 दिसंबर को दिल्ली–NCR के कम से कम छह स्थानों पर समन्वित बम विस्फोट कराने की योजना बनाई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने यह तारीख 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस की बरसी के रूप में चुनी थी और उसे “बदला” बताकर लक्ष्य बनाया गया था।

जांच एजेंसियों के मुताबिक मॉड्यूल की रूपरेखा चरणबद्ध थी — संगठन और भर्ती, हरियाणा के नूह व गुरुग्राम से IED और विस्फोटक कच्चे माल की खरीद, घातक रासायनिक IED का निर्माण व लक्षित स्थलों की रेकी, बमों का सदस्यों में वितरण, और अंतिम चरण में दिसंबर में एक साथ कई धमाके करना। पुलिस और एनआईए ने बताया कि मूल योजना अगस्त 2025 में लागू करने की थी, पर देरी के कारण तारीख 6 दिसंबर कर दी गई।

जांच से यह भी पता चला कि आरोपियों ने दिल्ली के कई हाई-प्रोफाइल स्थलों की रेकी कर ली थी — जिनमें लाल किला, इंडिया गेट, कुछ प्रमुख रेलवे स्टेशन और शॉपिंग मॉल शामिल थे। सूत्रों के अनुसार मॉड्यूल का इरादा 26/11 की तरह संगठित हमला कर राजधानी में भय और अराजकता फैलाने का था।

तफ्तीश के दौरान बड़ी मात्रा में विस्फोटक और सामग्री भी बरामद हुई। अधिकारियों ने दावा किया है कि रेड-फोर्ट मामले से जुड़ी छापेमारी में सैकड़ों कारें और लगभग 2,900 किलोग्राम तक विस्फोटक व रासायनिक कच्चा माल जब्त हुआ है — जो यह दर्शाता है कि साजिश का पैमाना व्यापक और घातक होना था। एनआईए अब पूरे नेटवर्क और मददगारों का पता लगा रही है।

जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों में कुछ चिकित्सक भी शामिल हैं — जिनके कब्जे से डायरी, नोटबुक और तार-तार जानकारी मिली है जिनमें किसी समय सारिणी, नंबर और संभावित लक्ष्य-सूची दर्ज थी। इन दस्तावेजों ने मॉड्यूल की दो-तीन साल की योजनाबद्ध गतिविधियों का संकेत दिया। इस कारण मामला अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की निगरानी में आ गया है।

अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यह साजिश बाहरी समर्थन (अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क) से भी जुड़ी हो सकती है; प्रारंभिक जांच में पाकिस्तान स्थित उकसावे और जैश-इंसाफ जैसे समूहों के संदर्भ मिले हैं। विदेश और आंतरिक सुरक्षा एजेंसियाँ घटना की परिमाण और संभावित सहयोगियों का पता लगा रही हैं। इस घटना ने दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण माहौल को बढ़ाने की क्षमता भी जताई है।

राजधानी में इस खुलासे के बाद सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है और पुलिस ने संवेदनशील स्थलों की निगरानी बढ़ा दी है। गृह मंत्रालय व सुरक्षा संस्थान आने वाले दिनों में संपूर्ण तलाशी और अतिरिक्त कवायद पर जोर दे रहे हैं ताकि कोई अन्य सुनियोजित वारदात होने से रोकी जा सके।

क्या हुआ अगला कदम?
एनआईए और दिल्ली पुलिस अब मॉड्यूल के खिलाफ सबूतों का संग्रह, सहयोगियों की पहचान और विदेश संबंधों की पड़ताल तेज कर रहे हैं। मामले में जो भी आरोप सिद्ध होंगे, उन्हें आतंकवाद-विरोधी कड़े कानूनों के तहत दंडित किया जाएगा। सरकार ने भी कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और दोषियों के खिलाफ कोई ढील नहीं दी जाएगी।

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