16 सितंबर महाकाल भस्म आरती: रजत मुकुट और पुष्पमालाओं से सजे भगवान महाकाल, राजाधिराज स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
उज्जैन (शिखर दर्शन) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आश्विन माह कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि मंगलवार तड़के भोर 4 बजे मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोले गए। सबसे पहले भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का अभिषेक पूजन सम्पन्न हुआ।
मंगलवार की भस्म आरती में बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान को भस्म अर्पित करने के बाद शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों से बनी माला पहनाई गई। इस अवसर पर भगवान का आकर्षक श्रृंगार ड्रायफ्रूट से भी किया गया। बाबा को फलों और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।
अल सुबह हुई इस पवित्र भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर दर्शन किए और पुण्य लाभ प्राप्त किया। भक्तों ने नंदी महाराज के कान में मनोकामनाएं कही और आशीर्वाद मांगा। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर “जय जय श्री महाकाल, हर हर महादेव, हर हर शंभू और ॐ नमः शिवाय” के जयकारों से गूंज रहा था।
