लाल चौक से पाकिस्तान को करारा जवाब: तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, गूंजा ‘जय हिंद’ का नारा
श्रीनगर (शिखर दर्शन) // पहलगाम में हुए आतंकी हमले और पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक पर एक गौरवशाली तिरंगा यात्रा निकाली गई। यह यात्रा केवल एक प्रतीकात्मक मार्च नहीं थी, बल्कि आतंकवाद और उसके संरक्षक पाकिस्तान के खिलाफ कश्मीर की ज़मीन से उठा एक स्पष्ट और ठोस संदेश थी।
तिरंगा यात्रा में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग, छात्र, और राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने पूरे जोश और उमंग के साथ “जय हिन्द” के नारे लगाते हुए तिरंगा लहराया। कभी आतंकवाद के लिए बदनाम रहा यह लाल चौक आज राष्ट्रभक्ति की गूंज से भर उठा।
यह आयोजन ऐसे समय हुआ है जब देश पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए उस अमानवीय आतंकी हमले के जख्मों को अभी भूल नहीं पाया है, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने बैसरन घाटी में धर्म पूछकर 26 हिंदू पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी। इस नरसंहार ने पूरे देश को झकझोर दिया और पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश की लहर दौड़ा दी।
भारत ने इस हमले का करारा जवाब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए दिया, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने भारतीय क्षेत्र पर ड्रोन और मिसाइल हमले की कोशिश की, लेकिन भारत की सुरक्षा प्रणाली ने सभी प्रयासों को विफल कर दिया।
इसी आत्मविश्वास और राष्ट्रगौरव की भावना के साथ तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसने यह स्पष्ट कर दिया कि अब लाल चौक डर का नहीं, बल्कि देशभक्ति का प्रतीक बन चुका है। 2019 के बाद कश्मीर की बदलती तस्वीर इस यात्रा में साफ दिखाई दी—जहां एक समय आतंकी बंदूक लहराते थे, वहीं अब वहां तिरंगा शान से लहरा रहा है।
यह यात्रा न केवल पाकिस्तान को चेतावनी है, बल्कि यह भी प्रमाण है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और किसी भी साजिश से उसे अलग नहीं किया जा सकता।
