डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर सैन्य मूवमेंट से मचा हड़कंप: बख्तरबंद ट्रेन, सुरक्षा बलों की तैनाती और डॉग स्क्वायड की तलाशी से बढ़ा सस्पेंस
डोंगरगढ़ (शिखर दर्शन) // मंगलवार सुबह डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर उस समय हलचल मच गई जब अचानक रेलवे सुरक्षा बल (RPF), Government Railway Police (GRP) और डॉग स्क्वायड की टीमों ने पूरे स्टेशन को घेर लिया। चारों प्लेटफॉर्मों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और स्टेशन परिसर को सेनेटाइज कर बारीकी से तलाशी अभियान शुरू किया गया। आम यात्रियों और स्थानीय लोगों में उस वक्त और अधिक उत्सुकता फैल गई जब बख्तरबंद सैन्य वाहनों, भारी हथियारों और गोला-बारूद से लैस एक विशेष ट्रेन स्टेशन पर पहुंची।
रायपुर से नागपुर की दिशा में जा रही इस सैन्य ट्रेन को प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2 के बीच की लाइन पर रोका गया। ट्रेन के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई। सेना के जवानों और अधिकारियों की भारी मौजूदगी के बीच लगभग एक घंटे तक ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही। इस दौरान सुरक्षा बलों की सतर्कता अपने चरम पर रही और डॉग स्क्वायड ने ट्रेन और आसपास के क्षेत्रों की गहन जांच की।
हालांकि सेना की ओर से इस मूवमेंट पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई, लेकिन ट्रेन में मौजूद अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी है, और डोंगरगढ़ में यह सैन्य गतिविधि उसी सतर्कता का हिस्सा मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मूवमेंट या तो उत्तर दिशा में किसी रणनीतिक सैन्य सशक्तिकरण का हिस्सा है या फिर विशेष स्थानांतरण योजना के तहत किया गया रिलोकेशन है। शांत और अपेक्षाकृत छोटे स्टेशन डोंगरगढ़ में इतनी बड़ी सैन्य तैनाती और गोपनीय गतिविधि ने स्थानीय नागरिकों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि यह सिर्फ एक नियमित सैन्य मूवमेंट था या किसी बड़े मिशन की तैयारी।
रेलवे प्रशासन और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में इस तरह की सैन्य गतिविधियां और तेज़ हो सकती हैं।
