पहलगाम आतंकी हमले में NIA का बड़ा खुलासा, मुश्ताक अहमद जरगर ने करवाया था हमला, कंधार हाईजैक के बाद मसूद अजहर के साथ हुई थी रिहाई
श्रीनगर (शिखर दर्शन) //
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पहलगाम आतंकी हमले के संबंध में बड़ा खुलासा किया है। NIA की जांच में यह सामने आया है कि इस हमले में अल उमर मुजाहिदीन के प्रमुख मुश्ताक अहमद जरगर की महत्वपूर्ण भूमिका थी। जरगर के समर्थकों ने इस हमले के ओवर ग्राउंड वर्करों (OGWs) की मदद की थी। गिरफ्तार ओवरग्राउंड वर्करों से हुई पूछताछ में यह जानकारी प्राप्त हुई है।
मुश्ताक अहमद जरगर का संगठन अल उमर मुजाहिदीन भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित किया गया है। 2023 में एनआईए ने उसके घर को कुर्क किया था। जरगर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का ऑपरेशनल कमांडर भी है और पुलवामा हमले में आरोपी है। कंधार विमान अपहरण (Kandahar Hijack) की घटना में भी उसे मौलाना मसूद अजहर के साथ रिहा किया गया था। फिलहाल वह पाकिस्तान में रह रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, मुश्ताक जरगर का श्रीनगर में मजबूत नेटवर्क है, और वह ओवरग्राउंड वर्करों और उनके समर्थकों के बीच प्रभावी रूप से काम कर रहा है। NIA अब पहलगाम आतंकी हमले में उसकी भूमिका की गहनता से जांच कर रही है।
कंधार हाईजैक घटना:
कंधार हाईजैक की घटना 24 दिसंबर 1999 को हुई थी, जब पाकिस्तानी आतंकियों ने इंडियन एयरलाइंस के विमान को काठमांडू से दिल्ली जाते वक्त हाईजैक कर लिया था। विमान में 191 यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे। आतंकियों ने यात्रियों की जान की कीमत पर मौलाना मसूद अजहर समेत तीन आतंकियों की रिहाई की शर्त रखी थी। तब की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर तीन आतंकियों को छोड़ने का फैसला लिया। सात दिन बाद, 31 दिसंबर 1999 को यात्रियों को छोड़ा गया था। मसूद अजहर ने बाद में जैश-ए-मोहम्मद नामक आतंकी संगठन की स्थापना की थी।
इस खुलासे के बाद, NIA और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मुश्ताक अहमद जरगर और उसके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर रही हैं।
