भीषण गर्मी में समर कैंप का आदेश, शिक्षकों और पालकों में नाराजगी
विशेष संवाददाता रिपोर्ट // रायपुर (शिखर दर्शन)
राज्य में भीषण गर्मी और लू के चलते जहां स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने 1 मई से 15 जून तक स्कूलों में समर कैम्प आयोजित करने का आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश को लेकर शिक्षकों और पालकों में नाराजगी और असंतोष की लहर है।
शिक्षा सचिव द्वारा जारी पत्र में सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि समर कैम्प स्कूलों अथवा समुदायिक स्थलों पर आयोजित किए जाएं, जहां बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए और उनकी बहुमुखी प्रतिभा का विकास किया जाए। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की मदद लेने, तथा आसपास के प्रमुख संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण कराने का भी सुझाव दिया गया है।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि समर कैम्प पूर्णतः स्वैच्छिक रहेगा और इसका समय सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। हालांकि, शिक्षा विभाग की ओर से इसके लिए कोई बजट स्वीकृत नहीं किया गया है, और आयोजन के लिए शिक्षकों व पालकों के सहयोग की अपेक्षा की गई है।
पालकों और शिक्षकों की नाराजगी खुलकर सामने आई
समर कैम्प के आदेश को लेकर पालक और शिक्षक वर्ग दोनों ही असहज हैं। रायपुर के एक पालक संजीव वर्मा ने नाराजगी जताते हुए कहा, “जब इतनी गर्मी में स्कूलों को बंद किया गया है, तो फिर बच्चों को बाहर बुलाकर समर कैम्प करवाना बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ है।”
इसी तरह एक शासकीय स्कूल के शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “बिना बजट और संसाधनों के समर कैम्प चलाना शिक्षकों पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है। ऊपर से बच्चों को संस्थानों के भ्रमण पर ले जाना इस मौसम में बिल्कुल सुरक्षित नहीं है।”
इस आदेश ने शिक्षा विभाग के निर्णयों पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या प्रशासन ने मौजूदा मौसम की गंभीरता और ज़मीनी स्थिति को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया है।
