उत्तरप्रदेश

Mahakumbh 2025: दूसरा अमृत स्नान कल, 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान, मेला प्रशासन तैयार, महानिर्वाणी अखाड़े के नागा संन्यासी लगाएंगे पहली डुबकी

प्रयागराज (शिखर दर्शन) // महाकुंभ 2025 का भव्य आयोजन शुरू हो चुका है, और देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने प्रयागराज पहुंच रहे हैं। मौनी अमावस्या के अवसर पर कल दूसरा अमृत स्नान आयोजित किया जाएगा, जिसमें 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। मेला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयारियों का जायजा लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त

त्रिवेणी संगम और अन्य स्नान घाटों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। मुख्यमंत्री के निर्देश पर परिवहन मंत्री ने 1,000 अतिरिक्त बसों का संचालन शुरू किया है। रेलवे ने स्नान के मद्देनजर लंबी दूरी की 29 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जिनमें मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी पर चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं।

दूसरे अमृत स्नान का शेड्यूल जारी

महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान का शुभारंभ ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 5 बजे होगा।

  • सुबह 5:00 बजे: महानिर्वाणी अखाड़े के नागा संन्यासी सबसे पहले डुबकी लगाएंगे।
  • सुबह 5:50 बजे: श्री शंभू पंचायती अटल अखाड़ा, निरंजनी और आनंद अखाड़े स्नान करेंगे।
  • सुबह 6:45 बजे: जूना अखाड़ा स्नान करेगा, जिसके बाद अवाहन और पंच अग्नि अखाड़ा स्नान करेंगे।
  • सुबह 9:25 बजे: बैरागी अखाड़ा, सुबह 10:05 बजे: दिगंबर अखाड़ा और सुबह 11:05 बजे: निर्मोही अखाड़ा स्नान करेगा।
  • दोपहर 12:00 बजे: पंचायती अखाड़ा स्नान करेगा।
  • दोपहर 1:05 बजे: पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा स्नान करेगा।

अब तक 15 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

महाकुंभ के पहले स्नान से अब तक 15 करोड़ श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। मकर संक्रांति पर 3.5 करोड़ और 26 जनवरी को डेढ़ करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं।

महाकुंभ का पौराणिक महत्व

महाकुंभ की शुरुआत समुद्र मंथन की पौराणिक कथा से जुड़ी है। मान्यता है कि अमृत कलश की बूंदें प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में गिरी थीं। जब ग्रहों की विशेष स्थिति होती है, तब इन स्थानों पर कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है।

आस्था और भव्यता का अद्भुत संगम

महाकुंभ 2025 के दूसरे अमृत स्नान में संगम का नजारा अद्भुत होगा। श्रद्धालु डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित करेंगे और नागा संन्यासी अपनी परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ स्नान करेंगे। प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के बीच महाकुंभ का यह पर्व धर्म, संस्कृति और आस्था का प्रतीक बना हुआ है।

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