मध्यप्रदेश

मोहन सरकार का अवैध खनन पर सख्त कदम: एआई आधारित 41 ई-चेकिंग पोस्ट तैयार, निगरानी के लिए लेगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा

मध्य प्रदेश में खनन क्षेत्र में बड़ा कदम: एआई आधारित ई-चेकिंग पोस्ट से अवैध खनन पर शिकंजा

भोपाल (शिखर दर्शन) // मध्य प्रदेश सरकार ने अवैध खनन पर नकेल कसने के लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक का सहारा लेते हुए एक व्यापक एक्शन प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर खनिज परिवहन और खनन गतिविधियों की सटीक निगरानी के लिए 41 एआई आधारित ई-चेकिंग पोस्ट स्थापित किए जा रहे हैं। इन ई-चेक पोस्ट पर वेरीफोकल कैमरा, RFID रीडर और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर जैसी अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग होगा।

सैटेलाइट और ड्रोन से होगी निगरानी

अवैध खनन रोकने के लिए सरकार ने उपग्रह और ड्रोन आधारित परियोजनाएं भी शुरू की हैं। इन तकनीकों के जरिए 7,000 खदानों को जियो-टैग किया गया है, जिससे खनिज क्षेत्रों का सीमांकन और सटीक निगरानी संभव हो सकेगी। यह परियोजना पूर्ण रूप से लागू होने पर खदानों में 3-डी इमेजिंग और वॉल्यूमेट्रिक एनालिसिस द्वारा उत्खनित खनिज की सटीक गणना की जा सकेगी।

माइनिंग में नवाचार: मध्य प्रदेश बना अग्रणी राज्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नवाचारों से प्रेरणा लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने माइनिंग क्षेत्र में कई सुधार किए हैं। प्रदेश में पहली बार क्रिटिकल मिनरल्स के 2 ब्लॉक्स नीलामी के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा, गोल्ड, मैग्नीज, और कॉपर जैसे खनिजों के 40 से अधिक ब्लॉक्स की सफलतापूर्वक नीलामी कराई गई है। खनिज नीतियों में सुधार और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के चलते मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने क्रिटिकल मिनरल्स के नीलामी को लागू किया है।

आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर

खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग से राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में खनिज राजस्व संग्रह 10,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 23% अधिक है। खनन गतिविधियों से न केवल राजस्व बढ़ा है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

खनिज संपदा में देश का अग्रणी राज्य

मध्य प्रदेश में लाइमस्टोन, बॉक्साइट, डोलोमाइट और कोयला जैसे खनिजों का विशाल भंडार है। पन्ना जिले में देश का एकमात्र हीरा भंडार स्थित है, जहां से प्रतिवर्ष एक लाख कैरेट हीरे का उत्पादन होता है। मलाजखंड तांबा खदान भारत की सबसे बड़ी तांबा खदान है। प्रदेश ने खनिज ब्लॉक्स की नीलामी में देशभर में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

निजी क्षेत्र के लिए निवेश के अवसर

भोपाल में आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव के दौरान 20,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। सरकार ने पारदर्शी नीतियों, पर्यावरण-अनुकूल खनन, और स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित कर निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन दिया है।

नये कदम से राष्ट्रीय पहचान

मध्य प्रदेश में खनन क्षेत्र में हो रहे नवाचार न केवल राज्य को माइनिंग केपिटल के रूप में स्थापित कर रहे हैं, बल्कि देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी बड़ा योगदान दे रहे हैं। इस नई पहल से राज्य को खनिज उत्पादक के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।

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