2 जनवरी महाकाल आरती: भगवान महाकालेश्वर के अलौकिक श्रृंगार के साथ भक्तिमय दर्शन

उज्जैन (शिखर दर्शन) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार, पौष माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। सबसे पहले भगवान महाकाल का पवित्र जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक और पूजन संपन्न हुआ।
भगवान महाकाल के मस्तक पर चंद्र अर्पित कर भांग, चंदन और दिव्य आभूषणों से उनका अलौकिक श्रृंगार किया गया। बाबा महाकाल को भस्म चढ़ाई गई और उन्होंने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों से बनी माला धारण की। पूजा के अंत में उन्हें फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।
भोर की भस्म आरती में देशभर से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालु नंदी महाराज के कान के पास जाकर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करते दिखे। इस दौरान पूरा मंदिर “जय जय श्री महाकाल,” “हर हर महादेव,” और “हर हर शंभू” के जयकारों से गूंज उठा।



