मोहन भागवत का बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों पर बयान

मोहन भागवत ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर बयान जारी किया है। उन्होंने इस स्थिति की निंदा की और भारत सरकार से अपील की कि वह इस मुद्दे पर ध्यान दे और आवश्यक कदम उठाए। उनके बयान में बांग्लादेश सरकार से भी अपेक्षा जताई गई है कि वह धार्मिक असहिष्णुता और हिंसा के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे।
- मोहन भागवत ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों की निंदा की।
- उन्होंने भारत सरकार से इस मामले में सक्रियता की अपील की।
- बांग्लादेश सरकार से भी हिंसा और असहिष्णुता के खिलाफ कदम उठाने की अपेक्षा की।
15 अगस्त को भारत ने अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस अवसर पर RSS प्रमुख मोहन भागवत ने RSS मुख्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वज फहराने के बाद, उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की।
भागवत ने कहा, “पड़ोसी देश बांग्लादेश में काफी अशांति है, और वहां के हिंदू नागरिक बिना किसी कारण के परेशान हो रहे हैं। भारत का दायित्व है कि वह न केवल अपनी रक्षा और स्वतंत्रता की रक्षा करे, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत करे। पिछले साल हमने किसी पर हमला नहीं किया, बल्कि संकट में पड़े लोगों की मदद की। यही हमारा देश है।”
उन्होंने आगे जोड़ा, “बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा का ध्यान केंद्र सरकार को रखना चाहिए। सरकार ऐसा करेगी, लेकिन समाज को भी सरकार के समर्थन में खड़ा रहना होगा।”
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स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में भागवत ने कहा, “हम आज अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। इस स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले लोगों और उनके समर्थन में खड़े समाज के कारण ही हमें आजादी मिली। हालांकि बलिदान देने वाली पीढ़ी अब नहीं रही, लेकिन आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता की रक्षा करना और उसे संजोए रखना हमारा कर्तव्य है।”
बांग्लादेश में हालिया तख्तापलट के बाद, वहां के हिंदुओं को निशाना बनाया गया। हिंदुओं के घरों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और मंदिरों पर बड़े पैमाने पर हमले किए गए। बांग्लादेश सरकार ने इन हमलों के लिए माफी मांगी है और पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने का वादा किया है, साथ ही मंदिरों के पुनर्निर्माण की भी योजना बनाई है।
