बिलासपुर से इंदौर के लिए सीधे वंदे भारत की तैयारी, नागपुर बदलने की झंझट होगी खत्म; 14 घंटे 20 मिनट में पूरा होगा सफर

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से मध्य प्रदेश के इंदौर तक रेल सफर को आसान और तेज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। बिलासपुर-नागपुर और इंदौर-नागपुर के बीच संचालित वंदे भारत ट्रेनों को मिलाकर बिलासपुर-इंदौर के बीच सीधी वंदे भारत सेवा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक स्तर से मंजूरी मिलने के बाद अब रेलवे बोर्ड की स्वीकृति का इंतजार है।
नई सेवा शुरू होने पर बिलासपुर से इंदौर जाने वाले यात्रियों को नागपुर में ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे छत्तीसगढ़ के यात्रियों को इंदौर, उज्जैन और मध्य प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों तक सीधी रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकेगा।
सुबह बिलासपुर से रवाना होकर रात में इंदौर पहुंचेगी ट्रेन
प्रस्तावित समय-सारणी के अनुसार वंदे भारत ट्रेन सुबह 6.45 बजे बिलासपुर से रवाना होकर करीब दोपहर 12.30 बजे नागपुर पहुंचेगी। नागपुर में करीब पांच मिनट रुकने के बाद ट्रेन इंदौर के लिए रवाना होगी और रात 9.05 बजे इंदौर पहुंचने का प्रस्ताव है।
इस तरह बिलासपुर से इंदौर के बीच करीब 1,052.78 किलोमीटर की दूरी लगभग 14 घंटे 20 मिनट में पूरी करने की योजना है। प्रस्तावित सेवा की औसत गति करीब 73 से 74 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है।
नागपुर में ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं होगी
फिलहाल बिलासपुर से इंदौर जाने वाले यात्रियों को नागपुर तक एक वंदे भारत सेवा और इसके बाद नागपुर से इंदौर के लिए दूसरी वंदे भारत ट्रेन का सहारा लेना पड़ता है। इस वजह से नागपुर में ट्रेन बदलनी पड़ती है।
प्रस्तावित नई व्यवस्था लागू होने के बाद यही सफर एक ही ट्रेन से पूरा किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को सामान लेकर ट्रेन बदलने, प्लेटफॉर्म तलाशने और कनेक्टिंग ट्रेन के इंतजार की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
सप्ताह में छह दिन चलाने की तैयारी
रेलवे की प्रस्तावित योजना के मुताबिक बिलासपुर-इंदौर वंदे भारत सेवा को शनिवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलाया जा सकता है। मौजूदा स्टॉपेज को बरकरार रखने का प्रस्ताव है।
खास बात यह है कि नई सेवा शुरू करने के लिए अतिरिक्त रैक की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मौजूदा वंदे भारत रैक का ही बेहतर उपयोग करते हुए बिलासपुर और इंदौर के बीच सीधी सेवा संचालित करने की योजना तैयार की गई है।
बिलासपुर से इंदौर के साथ उज्जैन जाने वालों को भी फायदा
इस प्रस्ताव से केवल बिलासपुर और इंदौर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि उज्जैन और मध्य प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों के लिए भी कनेक्टिविटी आसान हो सकती है।
सीधी ट्रेन मिलने से यात्रियों का समय बचेगा और नागपुर में ट्रेन बदलने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। खासकर व्यापार, शिक्षा, नौकरी और धार्मिक यात्रा के लिए बिलासपुर से मध्य प्रदेश जाने वाले यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
रेलवे बोर्ड की मंजूरी का इंतजार
वरिष्ठ डीआरएम अनुराग कुमार सिंह के अनुसार, प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद बिलासपुर से इंदौर जाने वाले यात्रियों को सीधी रेल सेवा का लाभ मिलेगा। फिलहाल प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड की स्वीकृति का इंतजार है।
रेलवे बोर्ड की मंजूरी और अंतिम समय-सारणी तय होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बिलासपुर-इंदौर सीधी वंदे भारत सेवा कब से शुरू होगी और इसके सभी ठहराव क्या होंगे।



