25 लाख टन चीनी लायक गन्ना एथेनॉल में गया , एक ही दिन में 6 रुपये किलो महंगी हुई शक्कर

चिल्हर में 70 और थोक में 67 रुपये किलो पहुंची शक्कर, गुड़-चावल और मक्के के आटे के दाम भी बढ़े
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // देश में चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले तीन महीनों में चीनी के दाम करीब 40 फीसदी यानी 19 रुपये प्रति किलो तक बढ़ चुके हैं। इसके अलावा गुड़ 24 फीसदी, चावल 16 फीसदी और मक्के का आटा 11 फीसदी तक महंगा हुआ है।
रायपुर में भी शक्कर की कीमतों में अचानक बड़ा उछाल देखने को मिला। गुरुवार शाम चिल्हर बाजार में शक्कर 64 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो हो गई। वहीं थोक बाजार में इसकी कीमत 62 रुपये से बढ़कर 67 रुपये प्रति किलो पहुंच गई।
सरकार ने शुल्क-मुक्त चीनी आयात की अनुमति दी
चीनी की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने गुरुवार को टैरिफ रेट कोटा के तहत 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। इसके साथ ही हर महीने 10 टन से अधिक चीनी की खपत करने वाले थोक उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक सीमा भी तय की गई है। ऐसे उपभोक्ता अब अधिकतम 15 दिनों की खपत के बराबर चीनी का भंडारण कर सकेंगे।
कीमतों में बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह आगामी 2026-27 चीनी सीजन में शुरुआती स्टॉक का कम रहने का अनुमान बताया जा रहा है। अनुमान है कि घरेलू खपत के लिए जरूरी करीब 50 लाख टन के मुकाबले शुरुआती स्टॉक कम रहेगा।
एथेनॉल उत्पादन से अनाज की मांग बढ़ी
चीनी और अनाज की कीमतों पर एथेनॉल उत्पादन का असर भी देखा जा रहा है। निर्धारित मानकों के अनुसार एथेनॉल उत्पादन में करीब 67 फीसदी मक्का, चावल की टुकड़ी और खराब अनाज का इस्तेमाल होता है, जबकि बाकी 33 फीसदी हिस्सा गन्ने और उसके उत्पादों से पूरा होता है।
ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन के अनुसार, देश में पिछले साल करीब 720 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन हुआ। इसके लिए लगभग 1.33 करोड़ टन अनाज और 25 लाख टन चीनी बनाने योग्य गन्ना-शीरा इस्तेमाल हुआ।
खराब अनाज का इस्तेमाल पहले पशु आहार और पॉल्ट्री फीड बनाने में भी किया जाता था। इसकी उपलब्धता कम होने से पशु आहार की कीमतों में करीब 8 से 10 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। इसका असर दूध और अंडे की कीमतों पर भी पड़ा है, जिनके दाम 5 से 10 फीसदी तक बढ़ने की बात सामने आई है।



