बिलासपुर में एक साल में बदले तीन डीईओ, शिक्षा विभाग बना आवक-जावक शाखा; कैसे सुधरेगा परीक्षा परिणाम?

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) //
खराब परीक्षा परिणाम पर कलेक्टर की नाराजगी, लेकिन जिले की शिक्षा व्यवस्था संभालने वाला विभाग ही स्थायी मुखिया के इंतजार में
बिलासपुर जिले में शिक्षण सत्र 2025-26 के खराब परीक्षा परिणाम को लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने की चेतावनी दे रहे हैं। लेकिन दूसरी ओर जिले की शिक्षा व्यवस्था संभालने वाले जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की स्थिति ही सवालों के घेरे में है। पिछले करीब एक साल में जिले में तीन जिला शिक्षा अधिकारी बदल चुके हैं और वर्तमान में भी स्थायी डीईओ का इंतजार बना हुआ है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अधिकारियों की सूची पर नजर डालें तो तीन डीईओ के पदभार संभालने की तारीख तो दर्ज है, लेकिन उनके कार्यकाल समाप्त होने की तारीख का उल्लेख नहीं है। यहां तक कि वर्तमान में डीईओ का प्रभार संभाल रहे अधिकारी भी 31 अगस्त को होने वाली सेवानिवृत्ति की तारीख गिन रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब जिले के शिक्षा विभाग को स्थायी और पूर्णकालिक मुखिया ही नहीं मिल पा रहा है, तो शिक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार कैसे होगा।
एक साल में तीन डीईओ बदले
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अक्टूबर 2023 से जनवरी 2025 तक टीआर साहू जिला शिक्षा अधिकारी रहे। इसके बाद जनवरी 2025 से जुलाई 2025 तक करीब सात महीने डॉ. अनिल तिवारी ने डीईओ की जिम्मेदारी संभाली। शिकायतों और आरोपों के बाद उन्हें पद से हटाया गया।
इसके बाद 11 जुलाई 2025 को विजय टांडे को जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया। फिर 12 जून 2026 को रामेश्वर जायसवाल को और 20 जुलाई 2026 को डॉ. अजय कौशिक को जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार दिए जाने का उल्लेख कार्यालय की सूची में है। हालांकि इन अधिकारियों के कार्यकाल की समाप्ति की तारीख दर्ज नहीं है।
खराब रिजल्ट पर कलेक्टर ने ली थी अधिकारियों की क्लास
शिक्षण सत्र 2025-26 के खराब परीक्षा परिणाम को लेकर पिछले दिनों कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने और परीक्षा परिणाम बेहतर करने के निर्देश दिए थे।
लेकिन सवाल यह है कि जिले की पूरी शिक्षा व्यवस्था की कमान संभालने वाले विभाग में ही अधिकारियों की स्थिरता नहीं होगी तो स्कूलों की व्यवस्था और शिक्षा के स्तर में सुधार कैसे होगा। 11 जुलाई 2025 से 20 जुलाई 2026 के बीच लगातार तीन डीईओ बदलने के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर स्थायी डीईओ की नियुक्ति कब होगी और जिले की शिक्षा व्यवस्था को स्थिर नेतृत्व कब मिलेगा।
एक ओर शिक्षा विभाग में खराब परीक्षा परिणाम को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर डीईओ की लगातार बदलती व्यवस्था के बीच जिले की शिक्षा व्यवस्था सुधारने की कवायद कितनी प्रभावी होगी, यह आने वाला समय ही बताएगा।




