थमी मानसून की रफ्तार, 16 जुलाई से फिर सक्रिय हो सकता है बारिश का दौर

भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। जून में अच्छी वर्षा के बाद जुलाई के मध्य तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अपेक्षित बारिश नहीं होने से उमस और गर्मी का असर बढ़ गया है। पिछले पांच दिनों से वर्षा गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं, जिससे लोगों के साथ किसानों की भी चिंता बढ़ने लगी है।
22 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। ऐसे में मंगलवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया सहित करीब 22 जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। शेष जिलों में मौसम सामान्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।
16 जुलाई के आसपास बदल सकता है मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 16 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी में नया मौसम तंत्र विकसित होने की संभावना है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है और कई जिलों में अच्छी बारिश का सिलसिला शुरू होने के आसार हैं।
किसानों की नजर नए मौसम तंत्र पर
लगातार कमजोर मानसूनी गतिविधियों के कारण खेती-किसानी से जुड़े लोग अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नया सिस्टम मजबूत हुआ तो प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और खरीफ फसलों को भी राहत मिलेगी।



