सुरक्षित गर्भपात को लेकर सिम्स में जागरूकता कार्यक्रम, असुरक्षित उपायों से बचने की अपील

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस के अवसर पर महिलाओं को सुरक्षित गर्भपात, चिकित्सकीय परामर्श और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जागरूक करने के लिए सिम्स बिलासपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय की एम.एससी. नर्सिंग छात्राओं ने महिलाओं को वैज्ञानिक जानकारी देते हुए भ्रांतियों और असुरक्षित उपायों से बचने की सलाह दी।
प्रमाणित स्वास्थ्य संस्थान में परामर्श लेने पर जोर
कार्यक्रम में छात्राओं ने बताया कि गर्भपात से जुड़ी किसी भी स्वास्थ्य आवश्यकता के दौरान प्रमाणित स्वास्थ्य संस्थान और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों से सलाह लेना जरूरी है। महिलाओं को गलत धारणाओं और बिना चिकित्सकीय सलाह अपनाए जाने वाले असुरक्षित उपायों से दूर रहने की अपील की गई।
समय पर उचित चिकित्सकीय सलाह और देखरेख से स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
वैज्ञानिक जानकारी को बताया जरूरी
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सुरक्षित गर्भपात को लेकर सही और वैज्ञानिक जानकारी महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। जागरूकता के जरिए भ्रांतियों को दूर करने और प्रमाणित स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने महिलाओं से स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर बिना देरी किए योग्य चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील की।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमन जोगी ने भी सुरक्षित गर्भपात के लिए चिकित्सकीय सलाह और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख को जरूरी बताया तथा असुरक्षित उपायों से बचने की अपील की।
नर्सिंग छात्राओं ने निभाई सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. वर्तिका गौरहा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। ओबीजी विभाग की सहायक प्राध्यापक सलमा खान, प्रदर्शक रेश्मा एक्का और एम.एससी. नर्सिंग की छात्राओं ने इसमें सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में सिम्स के मेडिकल और नर्सिंग स्टाफ के साथ मरीज और उनके परिजन भी मौजूद रहे। जागरूकता कार्यक्रम के जरिए सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग करने, चिकित्सकीय सलाह लेने और असुरक्षित उपायों से बचने का संदेश दिया गया।



