मध्यप्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून, रीवा-शहडोल-जबलपुर संभाग में चार दिन बारिश के आसार
शनिवार को सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल में रिमझिम के आसार; प्रदेश में अब भी सामान्य से 9 प्रतिशत कम बारिश
भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर पूर्वी हिस्से में सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। शनिवार को रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राजधानी भोपाल में हल्की बारिश या रिमझिम होने के आसार हैं।
पूर्वी मध्यप्रदेश में ज्यादा असर
पूर्वी जिलों के साथ जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
वहीं इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में फिलहाल तेज बारिश की संभावना कम है।
प्रदेश में अब तक 26.9 इंच बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र और मानसून ट्रफ सक्रिय है। इसका असर पूरे प्रदेश में समान नहीं रहेगा। पूर्वी हिस्से में सिस्टम का प्रभाव अधिक रहने से यहां बारिश का दौर मजबूत हो सकता है, जबकि पश्चिमी और उत्तरी मध्यप्रदेश में बारिश अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना है।
प्रदेश में अब तक 683.9 मिलीमीटर यानी करीब 26.9 इंच बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि तक सामान्य बारिश का आंकड़ा 750.9 मिलीमीटर यानी करीब 29.5 इंच होना चाहिए था। इस तरह प्रदेश में अब भी करीब 2.6 इंच बारिश की कमी है और कुल बारिश सामान्य से 9 प्रतिशत कम है।
कई जिलों में बारिश सामान्य से कम
पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की कमी करीब 6 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत दर्ज की गई है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य से करीब 19 प्रतिशत तक कम है।
प्रदेश के 37 जिलों में भी सामान्य से 1 से 49 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। हालांकि कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भोपाल, ग्वालियर, गुना, दतिया, भिंड, बुरहानपुर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी शामिल हैं।
जुलाई में पूरी हुई बारिश की कमी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में अच्छी बारिश होने से स्थिति में सुधार आया, लेकिन मानसून कमजोर पड़ने के कारण बीच में कई दिन बारिश का दौर थमा रहा।
जुलाई के आखिरी सप्ताह में सक्रिय हुए मजबूत मौसम तंत्र ने बारिश की कमी को काफी हद तक दूर किया और जुलाई का कोटा पूरा हो गया। हालांकि जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी।
पूरे मानसून सीजन में मध्यप्रदेश में औसतन 37.3 इंच बारिश होती है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच के बीच रहता है।



