15 सितंबर महाकाल भस्म आरती: कण-कण में महादेव, राजा स्वरूप में सजे भगवान महाकालेश्वर के अद्भुत दर्शन

भस्म आरती में दिव्य श्रृंगार, जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि मंगलवार को भगवान महाकाल की भस्म आरती विशेष श्रृंगार के साथ संपन्न हुई। इस दौरान भगवान महाकालेश्वर के दिव्य और मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
उज्जैन ( शिखर दर्शन ) //
मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। पंचामृत से अभिषेक पूजन के बाद भगवान महाकाल का भांग, चंदन और आभूषणों से दिव्य श्रृंगार किया गया।
भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म अर्पित की गई।
इसके बाद भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और विभिन्न प्रकार की पुष्प मालाएं अर्पित की गईं। सुगंधित पुष्पों और आभूषणों से भगवान महाकाल का मनोहारी अलंकरण किया गया।
मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। मंगलवार की भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन किए और उनके कान के समीप अपनी मनोकामनाएं कहकर भगवान महाकाल से आशीर्वाद मांगा। इस दौरान मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बाबा महाकाल के जयकारे गूंजते रहे। भक्तिमय वातावरण से पूरा मंदिर परिसर शिवमय नजर आया।



