पुलिस चेकिंग में 10 हजार रुपये लेने का आरोप, रसीद मांगने पर महिला से हुआ विवाद; वीडियो वायरल

लसूड़िया क्षेत्र में देर रात चेकिंग के दौरान महिला ने पुलिसकर्मियों पर लगाया गंभीर आरोप, वीडियो सामने आने के बाद अधिकारियों ने शुरू की जांच
━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━
इंदौर ( शिखर दर्शन ) // लसूड़िया क्षेत्र में देर रात वाहन चेकिंग के दौरान महिला और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने चालान के नाम पर उससे 10 हजार रुपये लिए, लेकिन रकम लेने के बाद कोई रसीद नहीं दी। मौके पर हुए विवाद का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
चालान के नाम पर 10 हजार रुपये लेने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, दो दिन पहले देर रात लसूड़िया क्षेत्र में ट्रक और चालकों की चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने विजय सोनाने को रोका। आरोप है कि पुलिस ने वाहन जब्त कर चालानी कार्रवाई की बात कही।
महिला का आरोप है कि कार्रवाई से बचने के लिए पुलिसकर्मियों ने उससे 10 हजार रुपये मांगे। महिला के मुताबिक उसने एटीएम से रकम निकालकर पुलिसकर्मियों को दी, लेकिन इसके बाद भी उसे चालान की कोई रसीद नहीं दी गई।
रसीद मांगने पर बढ़ा विवाद
महिला ने जब रकम देने के बाद रसीद मांगी तो पुलिसकर्मियों के साथ उसकी बहस शुरू हो गई। इसी दौरान महिला के पति विजय ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया।
वीडियो में महिला पुलिसकर्मियों से यह सवाल करती नजर आ रही है कि अगर 10 हजार रुपये चालान के रूप में लिए गए हैं तो उसकी रसीद क्यों नहीं दी गई।
वीडियो सामने आने के बाद जांच शुरू
घटना का वीडियो सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित होने के बाद मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा। अधिकारियों ने वीडियो में लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि महिला से लिए गए 10 हजार रुपये वास्तव में चालान की राशि थी या किसी अन्य कार्रवाई के तहत रकम ली गई थी।
महिला ने थाना प्रभारी पर भी लगाए आरोप
महिला ने लसूड़िया थाने के निरीक्षक मनीष चौहान पर भी आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसने निरीक्षक से संपर्क करने की कई बार कोशिश की, लेकिन उसे जवाब नहीं मिला।
वहीं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमरेंद्र सिंह ने कहा है कि प्रसारित वीडियो और पूरे मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच पूरी होने के बाद मामले में आवश्यक जानकारी सामने रखने की बात कही गई है।
जांच के बाद ही साफ होगी 10 हजार रुपये की सच्चाई
फिलहाल इस मामले में महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि 10 हजार रुपये किस आधार पर लिए गए और क्या उन्हें चालान की राशि के रूप में लिया गया था।
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि रकम चालान के लिए ली गई थी तो उसकी रसीद क्यों नहीं दी गई? पुलिस जांच के निष्कर्ष से ही इन आरोपों की वास्तविकता सामने आएगी।



