नवरात्रि की प्रतिपदा पर भस्म आरती में बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, जयकारों से गूंजा मंदिर

पंचामृत अभिषेक के बाद भस्म अर्पित कर सजाया गया ज्योतिर्लिंग, नंदी महाराज के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने मांगी मनोकामना पूर्ति की कामना
उज्जैन ( शिखर दर्शन ) //
मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार, 11 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा पर तड़के भस्म आरती संपन्न हुई। इस दौरान भगवान महाकाल का विधि-विधान से अभिषेक कर भांग, चंदन, आभूषणों और सुगंधित पुष्पों से दिव्य श्रृंगार किया गया। भस्म अर्पित करने और आरती के बाद बाबा महाकाल के दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़े। मंदिर परिसर में गूंजते जयकारों के बीच भक्तों ने नंदी महाराज के दर्शन कर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की।
पंचामृत अभिषेक के बाद हुआ दिव्य श्रृंगार
रविवार तड़के मंदिर के कपाट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से अभिषेक-पूजन संपन्न हुआ।
अभिषेक के बाद भगवान महाकाल को भांग और चंदन अर्पित कर आभूषणों तथा सुगंधित पुष्पों से सजाया गया। नवरात्रि की प्रतिपदा पर हुए इस विशेष पूजन और श्रृंगार के दौरान मंदिर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
भस्म अर्पण के बाद अलंकृत हुए बाबा महाकाल
पूजन और आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढककर भस्म अर्पित की गई। इसके पश्चात भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, चांदी की मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और पुष्पमालाएं अर्पित की गईं। आभूषणों और सुगंधित फूलों से सुसज्जित बाबा महाकाल का स्वरूप श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा।
धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन का विशेष महत्व है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालु भस्म आरती में शामिल होकर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
नंदी महाराज के दर्शन कर भक्तों ने मांगी मनोकामना पूर्ति
भस्म आरती के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। भक्तों ने नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कान के समीप अपनी मनोकामनाएं निवेदित कीं और उनके पूर्ण होने की प्रार्थना की।
इस दौरान मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंज उठा। नवरात्रि के प्रथम दिन भस्म आरती में शामिल होकर श्रद्धालुओं ने भक्ति और श्रद्धा के साथ भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया।



