छत्तीसगढ़ में गर्मी का असर तेज, रायपुर में 35.7 डिग्री पहुंचा पारा; दो दिन बाद बदल सकता है मौसम

फिलहाल प्रदेश में शुष्क मौसम, कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के आसार
रायपुर ( शिखर दर्शन ) //
छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के साथ ही गर्मी का असर बढ़ने लगा है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले 24 घंटे में रायपुर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इसके बाद कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की स्थिति बन सकती है।
रायपुर में 36 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान
राजधानी रायपुर में रविवार को आसमान साफ रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, यहां अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। फिलहाल बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
रायपुर सबसे गर्म, पेंड्रा रोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में रायपुर में अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य शहरों में भी पारा 34 डिग्री के पार रहा।
- रायपुर: 35.7 डिग्री सेल्सियस
- राजनांदगांव: 35.5 डिग्री सेल्सियस
- जांजगीर-चांपा: 34.8 डिग्री सेल्सियस
- रायगढ़: 34.5 डिग्री सेल्सियस
वहीं, प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस अवधि में प्रदेश में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं हुई।
दो दिन बाद गरज-चमक और तेज हवाओं के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रह सकता है। इसके बाद प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मानसून की वापसी जारी
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
इस बीच ओडिशा के मध्य भागों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।



