“8 जून श्री महाकालेश्वर भस्म आरती दिव्य श्रृंगार: त्रिपुंड, चंद्र और आभूषणों से सजी आरती, यहां करें दर्शन”

उज्जैन ( शिखर दर्शन ) श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार, ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को तड़के सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खुले। सबसे पहले भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद पंचामृत, जिसमें दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया ।
भगवान महाकाल का त्रिपुंड, चंद्र अर्पित कर आभूषणों से श्रृंगार किया गया। श्री महाकालेश्वर ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की माला धारण की। भगवान महगकल को अवन्तिका नागरी की प्रसिद्ध मिठाइयों एवं फलों का भोग अर्पित किया गया।

भस्म आरती के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। भक्तों ने नंदी महाराज का दर्शन कर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं और पूर्ण होने के लिए भोले नाथ तक पहुचने की विनती की का । इस दौरान श्री महाकाल के जयकारे जय जय श्री महाकाल , हर हर शंभू , ॐ नमः शिवाय से पूरा मंदिर गुंजयमान हो रहा था , जिससे पूरा मंदिर का वातावरण भक्तिमय हो उठा।
