मध्यप्रदेश

श्री राम का दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक स्थल बनेगा “सतना” का चित्रकूट , सीएम ने कहा राम वन पथ गमन मार्ग के सभी स्थलों का होगा सर्वांगीण विकास !

भोपाल// सतना //(शिखर दर्शन)// अयोध्या के बाद मध्यप्रदेश के सतना जिला अंतर्गत चित्रकूट में सबसे बड़ा धार्मिक स्थल बनाया जाएगा । सतना जिले का चित्रकूट श्रीराम का दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक स्थल बनेगा । राम वन पथ गमन निर्माण की योजना तैयार कर लिया गया है , 1450 किलोमीटर मार्ग विकसित किए जायेंगे । राम वन पथ गमन मार्ग के मुख्य 23 प्रमुख धार्मिक स्थल का होगा सर्वांगीण उन्नयन एवम विकास ।

मंगलवार को सतना जिले के चित्रकूट में श्री रामचंद्र वन पथ गमन न्यास की पहली बैठक हुई इसकी अध्यक्षता मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने की । इस मीटिंग में राम वन पथ गमन का रोड मैप तैयार किया गया है । सीएम मोहन ने कहा कि चित्रकूट का विकास अयोध्या की तरह ही होगा , श्री राम वन पथ गमन मार्ग के सभी प्रमुख स्थलों का विकास किया जाएगा । उन्होंने कहा की विकास की कार्य योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट का अयोध्या की तरह विकास कर इसे भगवान श्री राम के जीवन से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बनाया जाएगा । विद्वानों के परामर्श से राम वन पथ गमन के प्रमुख स्थलों का विकास भी किया जाएगा । चित्रकूट के दिवाली मेले और अमावस्या मेले में राम कथा और राम के जीवन से जुड़ी प्रदर्शनी वा राम वन पथ गमन से जुड़ी जानकारियां प्रदर्शित कराई जाएंगी इनका व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित करने मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं ।

चार रूट का होगा विकास

रूट नंबर 1

( 168 किलोमीटर )

सतना में सीता रसोई अत्रि आश्रम , स्फटिक शिला , गुप्त गोदावरी , अश्वमुनि आश्रम , सूतीदक्षिण आश्रम सिद्धा पहाड़ , रामसेल पन्ना का बृहस्पति कुंड ।

रूट नंबर दो

( 428 किलोमीटर )

बृहस्पति कुंड , सूतीक्षण आश्रम , अग्तस्य आश्रम , सतना में राम जानकी मंदिर , उमरिया में मार्कंडेय आश्रम , राम मंदिर दशरथ घाट , शहडोल में सीतामढ़ी ।

रूट नंबर 3

( 378 किलोमीटर )

राम जानकी मंदिर से कटनी की सीमा में शिव मंदिर , जबलपुर में रामघाट , नर्मदा पुरम में श्री राम मंदिर , पासी घाट , श्री राम मंदिर माछाघाट ।

रूट नंबर 4

( 476 किलोमीटर )

छत्तीसगढ़ के हरचैक से मध्य प्रदेश के शहडोल में सीतामढ़ी गंदधिया , अनूपपुर में सीतामढ़ी कनवाई , अमरकंटक होते हुए जबलपुर में रामघाट , पिपरिया ।

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