चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ ने आंध्र प्रदेश में मचाई तबाही, 120 KM की रफ्तार से चली हवाएं; ओडिशा में 1.60 लाख लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए, छत्तीसगढ़ में भी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // बंगाल की खाड़ी में उठा भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ मंगलवार तड़के आंध्र प्रदेश के तट से टकरा गया। ओंगोल के निकट इसका लैंडफॉल हुआ। तूफान के दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि हवा के तेज झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश हुई है। विजयवाड़ा में सड़कों पर पानी भर गया, वहीं हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। ओडिशा और तमिलनाडु में भी भारी बारिश तथा तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बारिश की चेतावनी जारी की है।
तड़के 1 बजे शुरू हुआ लैंडफॉल, सुबह 5:30 बजे तक चली प्रक्रिया
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार चक्रवात मुरासु ने 3 नवंबर की रात करीब 1 बजे आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में ओंगोल के आसपास तट पर पहुंचना शुरू किया। इसके बाद सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच इसने नेल्लोर और नरसापुर के बीच आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट को पार किया। इस दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई।
तूफान के कारण तटीय इलाकों में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने समुद्र में ऊंची लहरें उठने और निचले तटीय क्षेत्रों में समुद्री पानी घुसने की आशंका भी जताई थी।
विजयवाड़ा में जलभराव, आंध्र प्रदेश में 19 उड़ानें रद्द
चक्रवात के प्रभाव से विजयवाड़ा सहित आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश हुई। कई सड़कों पर जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित हुआ। तेज हवाओं से पेड़ और बिजली के खंभे भी उखड़ने की खबरें सामने आई हैं।
हवाई सेवाओं पर भी तूफान का असर पड़ा है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापत्तनम एयरपोर्ट से संचालित होने वाली कम से कम 19 घरेलू उड़ानें रद्द की गई हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए आपदा प्रबंधन दलों को सक्रिय रखा है।
ओडिशा में 1.60 लाख लोगों का सुरक्षित स्थानों पर किया गया विस्थापन
चक्रवात के खतरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने दक्षिणी जिलों में बड़े स्तर पर एहतियाती कदम उठाए हैं। गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी सहित प्रभावित क्षेत्रों से 1.60 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
दक्षिणी ओडिशा के कई इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण तटीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने राहत शिविरों और बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखा है।
इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, छत्तीसगढ़ भी प्रभावित
भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक चक्रवात मुरासु का प्रभाव आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में देखने को मिल सकता है।
- आंध्र प्रदेश: तटीय और आंतरिक इलाकों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना है।
- तमिलनाडु: चेन्नई, तिरुवल्लूर और आसपास के जिलों में बारिश तथा तेज हवाओं का असर रह सकता है।
- ओडिशा: दक्षिणी जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है।
- तेलंगाना: कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
- छत्तीसगढ़: दक्षिणी छत्तीसगढ़ सहित प्रदेश के कई हिस्सों में 3 और 4 नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
मध्य भारत में भी मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
क्या है मुरासु नाम का अर्थ ?
इस चक्रवाती तूफान को ‘मुरासु’ नाम भारत की ओर से दिया गया है। तमिल भाषा में मुरासु का अर्थ ‘युद्ध का नगाड़ा’ होता है। यह तूफान बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ और तेजी से शक्तिशाली चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया।
एक सप्ताह में बंगाल की खाड़ी से उठा दूसरा चक्रवात
बंगाल की खाड़ी में एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा चक्रवाती तूफान है, जिसने आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों को प्रभावित किया है। इससे पहले चक्रवात ‘अर्नब’ ने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दी थी। उसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश, बाढ़ और व्यापक नुकसान हुआ था। अब मुरासु के आने से प्रभावित क्षेत्रों में एक बार फिर राहत एवं बचाव कार्यों की चुनौती बढ़ गई है।
सावधानी जरूरी: समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने तथा तटीय क्षेत्रों के लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।



