निलंबन आदेश जलाकर पटवारियों का प्रदर्शन, आमरण अनशन और जेल भरो आंदोलन की चेतावनी

छत्तीसगढ़ में पटवारियों पर निलंबन की गाज, 100 से अधिक कर्मचारियों को आदेश भेजने का दावा; आंदोलन तेज करने की चेतावनी
चार सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी, प्रदेशाध्यक्ष भागवत कश्यप बोले—आमरण अनशन और जेल भरो आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे
बलौदाबाजार ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ में चार सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। इस बीच प्रशासन की ओर से सख्त रुख अपनाए जाने की खबर सामने आई है। पटवारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष भागवत कश्यप सहित 100 से अधिक पटवारियों को निलंबन संबंधी आदेश वाट्सएप के माध्यम से भेजे जाने का दावा किया गया है। हालांकि, संघ का कहना है कि आदेश की कागजी प्रति उन्हें अब तक प्राप्त नहीं हुई है। निलंबन की कार्रवाई की सूचना मिलते ही पटवारियों ने आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है।
प्रदेशाध्यक्ष भागवत कश्यप बलौदाबाजार पहुंचे और धरना स्थल पर आंदोलनरत पटवारियों को संबोधित किया। उन्होंने शासन और प्रशासनिक अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कई पटवारी सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक पदोन्नति का लाभ नहीं मिला है। वेतन विसंगति और पीवी एप में आ रही त्रुटियों का मुद्दा भी लंबे समय से उठाया जा रहा है। उनका आरोप है कि इन समस्याओं की जानकारी अधिकारियों को होने के बावजूद शासन तक सही स्थिति नहीं पहुंचाई जा रही है।
कश्यप ने कहा कि पटवारी अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन समाधान निकालने के बजाय निलंबन जैसी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्रवाई का विरोध पूरे प्रदेश में किया जाएगा। संघ अपनी मांगों पर अडिग है और शासन को उनका निराकरण करना होगा।
निलंबन आदेश की प्रतियां फाड़कर जलाया
निलंबन की कार्रवाई के विरोध में पटवारी संघ ने बलौदाबाजार के धरना स्थल पर आदेश की प्रतियां फाड़कर जलाईं और अपना आक्रोश जताया। संघ के पदाधिकारियों ने इसे आंदोलन को दबाने की कोशिश बताते हुए प्रशासन के रुख पर सवाल उठाए।
आमरण अनशन और जेल भरो आंदोलन की चेतावनी
पटवारी संघ के संभागाध्यक्ष भावेश वर्मा ने कहा कि संघ शासन की कार्रवाई से डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन का यही रुख जारी रहा तो पटवारी आमरण अनशन करेंगे और जरूरत पड़ने पर जेल भरो आंदोलन भी शुरू करेंगे। उनका कहना था कि मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल, पटवारी संघ की हड़ताल और प्रशासन की कार्रवाई के बीच टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है। अब निगाहें शासन के अगले कदम और पटवारियों की मांगों पर होने वाले निर्णय पर टिकी हैं।



