अमेरिकी चुनाव में भारतीय मूल के 50 से अधिक उम्मीदवार, कांग्रेस से गवर्नर पद तक आजमाएंगे किस्मत

विवेक रामास्वामी, प्रमिला जयपाल और रो खन्ना सहित कई चर्चित नाम मैदान में; 3 नवंबर को मतदान, नतीजों से अमेरिकी राजनीति की तस्वीर होगी साफ
अमेरिका ( शिखर दर्शन ) // अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को होने वाले मध्यावधि चुनाव में भारतीय मूल के उम्मीदवारों की उल्लेखनीय भागीदारी चर्चा में है। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, 50 से अधिक भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार अमेरिकी कांग्रेस, गवर्नर, अटॉर्नी जनरल, मेयर और राज्य विधानसभाओं सहित विभिन्न पदों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। इन चुनावों के जरिए जहां अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों का राजनीतिक समीकरण तय होगा, वहीं राज्य और स्थानीय स्तर पर भी कई अहम मुकाबलों के नतीजे सामने आएंगे।
गवर्नर और अटॉर्नी जनरल पद के मुकाबले
ओहायो में गवर्नर पद का चुनाव प्रमुख मुकाबलों में शामिल है। रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी का सामना डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन और लिबर्टेरियन उम्मीदवार डॉन किसिक से है। रामास्वामी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त है। उनके अभियान में करों में कटौती, ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।
न्यूयॉर्क में रिपब्लिकन उम्मीदवार सरिथा कोमाटिरेड्डी मौजूदा अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स को चुनौती दे रही हैं। मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर का नाम भी भारतीय मूल के प्रमुख नेताओं में शामिल है। हालांकि, उनके चुनावी मुकाबले की स्थिति को अंतिम सूची में शामिल करने से पहले अलग से पुष्ट करना जरूरी है।
अमेरिकी कांग्रेस में रो खन्ना और प्रमिला जयपाल पर नजर
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के चुनाव में रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, अमी बेरा और सुहास सुब्रमण्यम जैसे भारतीय मूल के मौजूदा सांसदों की भूमिका महत्वपूर्ण है। कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में रो खन्ना के मुकाबले रिपब्लिकन उम्मीदवार रितेश टंडन मैदान में हैं। वहीं, वॉशिंगटन के 7वें डिस्ट्रिक्ट में प्रमिला जयपाल का सामना रिपब्लिकन उम्मीदवार निरव शेठ से है। इन दोनों मुकाबलों में उम्मीदवारों की आधिकारिक चुनावी सूची भी उपलब्ध है।
एरिजोना में अमीष शाह और फ्लोरिडा में पिया दांडिया सहित अन्य भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रहे हैं। अलग-अलग राज्यों में प्रतिनिधि सभा और राज्य स्तरीय पदों के लिए उनकी दावेदारी अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के समुदाय की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।
सीनेट और स्थानीय राजनीति में भी भारतीय मूल के चेहरे
मैसाचुसेट्स में शिवा अय्यादुरई निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अमेरिकी सीनेट का चुनाव लड़ रहे हैं। उनकी उम्मीदवारी की पुष्टि अमेरिकी संघीय चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में भी होती है।
स्थानीय राजनीति में लॉस एंजिलिस का मेयर चुनाव भी चर्चा में है। यहां सिटी काउंसिल सदस्य नित्या रमण मौजूदा मेयर करेन बास को चुनौती दे रही हैं। टेक्सास में पूजा सेठी और संदीप श्रीवास्तव राज्य विधानसभा की सीटों के लिए चुनाव मैदान में हैं।
कुछ चर्चित भारतीय-अमेरिकी नेता इस बार मैदान से बाहर
इस चुनाव में राजा कृष्णमूर्ति और श्री थानेदार जैसे चर्चित भारतीय-अमेरिकी नेता उम्मीदवार नहीं हैं। उपलब्ध चुनावी जानकारी के मुताबिक, दोनों अपने-अपने प्राइमरी चुनाव में हार गए थे। ऐसे में 3 नवंबर के मतदान के बाद आने वाले नतीजे बताएंगे कि भारतीय मूल के कितने उम्मीदवार अमेरिकी संसद, राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों में अपनी जगह बना पाते हैं। World News – The Indian Express
चुनावी भागीदारी का व्यापक दायरा
भारतीय मूल के उम्मीदवारों की मौजूदगी केवल अमेरिकी कांग्रेस तक सीमित नहीं है। गवर्नर, अटॉर्नी जनरल, सीनेट, मेयर और राज्य विधानसभाओं के चुनावों में भी उनकी भागीदारी दिखाई दे रही है। यह चुनाव अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रतिनिधित्व की मौजूदा स्थिति को समझने का अवसर भी होगा।



