राहुल गांधी की महारैली में कोरबा कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल समेत सैकड़ों कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे

रामलीला मैदान में निर्वाचन आयोग के खिलाफ विपक्ष ने उठाई आवाज, चुनावी पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा की मांग की
कोरबा ( शिखर दर्शन ) // नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक के तत्वावधान में आयोजित महारैली में कोरबा के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल भी शामिल हुए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित इस रैली में देशभर से विपक्षी दलों के नेताओं, कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध जताया गया।
महारैली के दौरान विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और निर्वाचन आयोग की भूमिका को लेकर अपनी आपत्तियां उठाईं। कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने चुनाव व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की।
कोरबा से पहुंचे सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता
महारैली में शामिल होने के लिए कोरबा जिले से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव बी.एन. सिंह, सुरेन्द्र प्रताप जायसवाल, श्याम सुंदर सोनी, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर, मनोज चौहान, ओबीसी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष गजानंद साहू, राजेश मानिकपुरी, ब्लॉक अध्यक्ष पालूराम साहू और पार्षद रवि सिंह चंदेल शामिल रहे।
इनके अलावा सुखसागर निर्मलकर, अमरदास, हरविन्दर सिंह, राकेश पंकज, विवेक श्रीवास, अश्वनी पटेल, पवन यादव, उमेश यादव, पुष्पेन्द्र यादव, अर्जुन यादव, सुखदेव और दीपक यादव सहित अन्य कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता भी महारैली में शामिल हुए।
चुनावी पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा का मुद्दा उठाया
महारैली में शामिल कांग्रेस नेताओं ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने, निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई। कोरबा जिले से पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में जिले के कांग्रेस संगठन की सहभागिता के रूप में देखा जा रहा है।
नोट: निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप रैली में शामिल विपक्षी दलों के पक्ष हैं; इन्हें स्थापित तथ्य के बजाय उनके आरोपों और मांगों के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है।



