विद्यार्थियों का स्नेह ही मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान : प्रधान पाठक सर्वेश सोनी

रक्षाबंधन पर छात्राओं ने खुद बनाई राखियां, प्रधान पाठक की कलाई पर बांधकर जताया अपनापन; अशोक वृक्ष के संरक्षण का भी लिया संकल्प
कोरबा ( शिखर दर्शन ) // रक्षाबंधन के अवसर पर प्रधान पाठक सर्वेश सोनी ने विद्यार्थियों के स्नेह और विश्वास को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि किसी पुरस्कार से कहीं अधिक महत्वपूर्ण यह है कि शिक्षक अपने विद्यार्थियों का विश्वास, स्नेह और अपनापन हासिल करे। विद्यालय की छात्राओं ने स्वयं राखियां बनाकर उन्हें बांधीं। छात्राओं के इस आत्मीय व्यवहार से प्रधान पाठक भावुक हो उठे और कहा कि यह उनके लिए अविस्मरणीय पल है।
छात्राओं के स्नेह के साथ अशोक वृक्ष को भी बांधी राखी
रक्षाबंधन पर प्रधान पाठक सोनी ने अपने विद्यालय परिसर में लगाए गए अशोक वृक्ष को भी राखी पहनाई। उन्होंने वृक्ष के संरक्षण, पोषण और संवर्धन का संकल्प दोहराते हुए कहा कि यह अशोक वृक्ष उनके लिए जीवनभर गौरव और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प का प्रतीक रहेगा।

उन्होंने शिखर दर्शन को बताया कि इस पौधे से उनकी कई भावनात्मक यादें जुड़ी हुई हैं। भीषण गर्मी के अप्रैल-मई माह में गेवरा, दीपका, कुसमुंडा और लक्ष्मण परियोजना के भूविस्थापितों की जनसुनवाई आयोजित की गई थी। उस दौरान तत्कालीन कलेक्टर पी. दयानंद, कटघोरा एसडीएम वीरेंद्र पामभोई, मेश्राम सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर से किया था पौधा लगाने का आग्रह
जनसुनवाई के बाद लौटते समय प्रधान पाठक सोनी ने तत्कालीन कलेक्टर से स्कूल परिसर में अशोक का पौधा लगाने का आग्रह किया था। कलेक्टर ने मुस्कुराते हुए मानसून आने पर पौधा लगाने की बात कही, लेकिन प्रधान पाठक ने इंतजार करने के बजाय स्वयं ही अशोक का पौधा रोप दिया।
गर्मी की छुट्टियों के दौरान भी वे लगभग रोज विद्यालय पहुंचते रहे और पौधे को पानी देने के साथ उसकी देखभाल करते रहे। तेज गर्मी में पौधे को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने उसकी छाया और पानी की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया।
पौधा बना संकल्प की सफलता का प्रतीक
लगातार देखभाल के बाद वह छोटा सा पौधा आज विशाल अशोक वृक्ष का रूप ले चुका है। प्रधान पाठक सोनी का कहना है कि वृक्ष को बड़ा होते देख उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति किए गए अपने संकल्प की सार्थकता महसूस होती है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का प्रेम और विद्यालय परिसर में फलता-फूलता यह वृक्ष उनके लिए किसी भी सम्मान से कम नहीं है। रक्षाबंधन के अवसर पर छात्राओं द्वारा बांधी गई राखी और अशोक वृक्ष के प्रति दोहराया गया संकल्प उनके लिए विशेष स्मृति बन गया है।




