रायपुर संभाग

रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री साय का बड़ा संदेश: “बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरी शक्ति”, 68 लाख महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री निवास में बहनों ने बांधी राखी; महिला सशक्तिकरण से लेकर लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और ई-रिक्शा योजना तक गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

रायपुर ( शिखर दर्शन ) // रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार को स्नेह, आत्मीयता और भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं से भरा आयोजन हुआ। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं और बहनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बहनों का स्वागत करते हुए कहा कि उनका स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए अनमोल है और यही उन्हें प्रदेश की माताओं-बहनों के कल्याण के लिए और अधिक समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा देता है।


मुख्यमंत्री ने कहा- रक्षाबंधन स्नेह, विश्वास और जिम्मेदारी का पर्व

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट स्नेह और विश्वास का पर्व है। बहन भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उसके सुखद जीवन की कामना करती है, वहीं भाई बहन के सम्मान, सुरक्षा और सुख-दुःख में साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है।

उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों से बहनों का मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर रक्षाबंधन मनाना उनके लिए सौभाग्य की बात है। बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें प्रदेश की माताओं और बहनों के हित में और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम में स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की धर्मपत्नी सरला दुबे ने भी मुख्यमंत्री को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने इसे भावुक और गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे सेना में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के पहले जवान थे।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्था की सविता दीदी और स्मृति दीदी, सावित्री जायसवाल, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों और विभिन्न समाजों की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।

1600 जवानों की कलाई पर बंधी राखी

मुख्यमंत्री ने राजधानी रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि रक्षाबंधन को देश और प्रदेश की सुरक्षा में तैनात जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता से जोड़ना सुखद अनुभव रहा।

उन्होंने बताया कि स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, दिव्यांग बहनों और शहीद जवानों के परिवारों की महिलाओं ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के करीब 1600 जवानों की कलाई पर राखी बांधी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जवान त्योहारों पर भी अपने परिवार से दूर रहकर देश की सुरक्षा में डटे रहते हैं। ऐसे वीर जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना पूरे समाज का दायित्व है।

महिला पत्रकारों के योगदान की सराहना

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में मौजूद महिला पत्रकारों का विशेष रूप से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता साहस, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का कार्य है। महिला पत्रकार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए समाज को देश-दुनिया की घटनाओं से अवगत करा रही हैं।

उन्होंने बताया कि दिल्ली प्रवास से लौटने के दौरान शुक्रवार सुबह एयरपोर्ट पर पत्रकार जिज्ञासा ने उन्हें राखी बांधी और अपना स्नेह व्यक्त किया।

68 लाख महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

रक्षाबंधन के मद्देनजर योजना की 31वीं किस्त भी निर्धारित समय से पहले 25 अगस्त को जारी की गई। इसके तहत 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। महिलाएं इस राशि का उपयोग परिवार की जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं।

लक्ष्य 8 लाख का था, 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाए जा रहे लखपति दीदी अभियान में छत्तीसगढ़ ने निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर उपलब्धि हासिल की है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश को 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन पिछले दो वर्षों में 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ की महिलाओं के परिश्रम, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता का प्रमाण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन दीदी योजना के जरिए गांवों की महिलाएं आधुनिक तकनीक से जुड़ रही हैं और खेतों में उर्वरक एवं दवाओं का छिड़काव कर आय अर्जित कर रही हैं।

ई-रिक्शा और सेटरिंग प्लेट से महिलाओं को रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ लेने वाला वर्ग नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और विकास प्रक्रिया का मजबूत भागीदार बनाना चाहती है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में प्रतिदिन करीब 1600 आवास बनाए जा रहे हैं। इन मकानों के निर्माण में उपयोग होने वाली सेटरिंग प्लेट के व्यवसाय से स्व-सहायता समूहों की महिलाएं जुड़कर आय अर्जित कर रही हैं।

नया रायपुर में 92 ई-रिक्शा दीदियां आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। वहीं जशपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने गांव बगिया में रक्षाबंधन के अवसर पर 50 बहनों को ई-रिक्शा प्रदान किए।

उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा महिलाओं के लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि सम्मानजनक आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रहा है।

महिला उद्यमियों के लिए नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि महिलाएं स्वयं उद्यम स्थापित करें और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें। महिलाओं के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। पिछले ढाई वर्षों में करीब 30 हजार महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं।

उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष रियायतों और प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। प्रदेश को अब तक करीब 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से औद्योगिक नीति का लाभ उठाकर उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति को विकास से जोड़ने का दावा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के विकास में बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के साहस और जनता के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी हिंसा और भय का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई शुरुआत हुई है। सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार कर रही है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक विकास का लाभ पहुंच सके।

मुख्यमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवादियों ने कई बहनों का सिंदूर उजाड़ा, लेकिन भारत ने आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ता से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत शांति में विश्वास करता है, लेकिन देश की सुरक्षा और स्वाभिमान को चुनौती देने वालों को जवाब देना भी जानता है।

“मातृशक्ति के बिना विकसित छत्तीसगढ़ का सपना अधूरा”

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में छत्तीसगढ़ भी अपनी भूमिका निभा रहा है। विकसित छत्तीसगढ़ का सपना मातृशक्ति के सशक्तिकरण के बिना पूरा नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की प्रत्येक माता और बहन को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का अवसर मिले। महिलाएं अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ें, यही सरकार की प्राथमिकता है।

रक्षाबंधन पर प्रदेश की सभी माताओं और बहनों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बहनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी शक्ति है। मातृशक्ति के सामर्थ्य से ही सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।

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