पुलिस आरक्षक की संदिग्ध मौत, थाने की बैरक में मिला शव.. , हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस

थाना परिसर की बैरक में मिला आरक्षक का शव, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी मौत की वजह स्पष्ट
सक्ती ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के हसौद थाना परिसर में पदस्थ एक आरक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। शनिवार को थाना परिसर स्थित बैरक में 45 वर्षीय आरक्षक जय लहरे का शव मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
थाना बैरक में मिला शव, जांच में जुटी पुलिस
जानकारी के अनुसार, हसौद थाना परिसर की बैरक में आरक्षक जय लहरे का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
जांजगीर-चांपा के निवासी थे आरक्षक
मृतक आरक्षक जय लहरे मूलतः जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड के भलवाही गांव के निवासी थे। वे वर्तमान में हसौद थाने में पदस्थ थे और पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
हर पहलू से की जा रही जांच
सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि आरक्षक की मौत के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के दौरान पारिवारिक परिस्थितियों, व्यक्तिगत समस्याओं, मानसिक तनाव तथा कार्यस्थल से जुड़े संभावित कारणों सहित सभी पहलुओं का परीक्षण किया जा रहा है।
मधुमेह से भी पीड़ित थे आरक्षक
पुलिस के अनुसार, आरक्षक जय लहरे मधुमेह (डायबिटीज) से भी पीड़ित थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। उनकी पत्नी शासकीय विद्यालय में शिक्षिका हैं तथा दोनों की पदस्थापना अलग-अलग स्थानों पर थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
पुलिस का कहना है कि आरक्षक की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल मामले में सभी आवश्यक कानूनी और जांच संबंधी प्रक्रियाएं जारी हैं।



