गगनयान मिशन से पहले इसरो को बड़ी सफलता, मुख्य पैराशूट का महत्वपूर्ण परीक्षण सफल

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ की तैयारियों के बीच भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को बड़ी सफलता मिली है। अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने वाले मुख्य पैराशूट सिस्टम का महत्वपूर्ण परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह परीक्षण 2.5 किलोमीटर की ऊंचाई से किया गया, जिसमें पैराशूट ने निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदर्शन किया।
मध्य प्रदेश में हुआ सफल परीक्षण
इसरो के अनुसार मुख्य पैराशूट का परीक्षण मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित एडीआरडीई के ड्रॉप जोन में किया गया। परीक्षण के दौरान डमी भार को भारतीय वायुसेना के आईएल-76 विमान से 2.5 किलोमीटर की ऊंचाई से छोड़ा गया। मुख्य पैराशूट ने समय पर खुलकर क्रू मॉड्यूल की गति को नियंत्रित किया और डमी भार सुरक्षित गति से जमीन पर उतरा।
अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के लिए अहम प्रणाली
इसरो ने बताया कि यह परीक्षण ‘आईमैट-05’ अभियान के तहत किया गया। इसका उद्देश्य उस मुख्य पैराशूट प्रणाली की क्षमता का परीक्षण करना था, जो अंतरिक्ष से लौटते समय गगनयान क्रू मॉड्यूल की गति कम कर उसे सुरक्षित लैंडिंग में मदद करेगी। गगनयान क्रू मॉड्यूल की सुरक्षित वापसी के लिए कुल चार प्रकार के 10 पैराशूट का उपयोग किया जाएगा।
भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन की तैयारी
गगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है, जिसका उद्देश्य स्वदेशी तकनीक के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजना और उन्हें सुरक्षित पृथ्वी पर वापस लाना है। इस मिशन से पहले इसरो लगातार विभिन्न प्रणालियों का परीक्षण कर रहा है, ताकि मिशन को पूरी तरह सुरक्षित और सफल बनाया जा सके।




