मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें: पीथमपुर को 272 करोड़ की औद्योगिक सौगात, आज होगी मोहन कैबिनेट की अहम बैठक

ओरछा में भाजपा का रणनीतिक महामंथन, इंदौर मेट्रो कॉरिडोर के आसपास होगा बड़ा शहरी विकास
भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश में बुधवार को औद्योगिक विकास, शासन और राजनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पीथमपुर में 272 करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजना का भूमि-पूजन करेंगे, जबकि भोपाल में उनकी अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। वहीं, आगामी विधानसभा मानसून सत्र से पहले भाजपा ने ओरछा में दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक बुलाकर संगठन और राजनीतिक रणनीति को अंतिम रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है।
पीथमपुर को मिलेगी 272 करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज औद्योगिक नगर पीथमपुर में ‘लियूगोंग इंडिया’ की नई अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई का भूमि-पूजन करेंगे। लगभग 20 एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना में 272 करोड़ रुपये का निवेश होगा। संयंत्र में प्रतिवर्ष 6,500 निर्माण उपकरणों के निर्माण की क्षमता विकसित की जाएगी, जिससे क्षेत्र में रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
आज होगी मोहन कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक
राजधानी भोपाल स्थित मंत्रालय में सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक होगी। बैठक में विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, अधोसंरचना परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर कई निर्णय लिए जा सकते हैं। विधानसभा के मानसून सत्र से पहले होने के कारण इस बैठक को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
ओरछा में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति का दो दिवसीय मंथन
भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक 18 और 19 जुलाई को ओरछा में आयोजित होगी। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में होने वाले इस रणनीतिक मंथन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह सहित वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बैठक में संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण और मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के मुद्दों का प्रभावी जवाब देने की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
इंदौर मेट्रो कॉरिडोर के आसपास होगा सुनियोजित विकास
इंदौर में एयरपोर्ट से राजेंद्र नगर तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर 500-500 मीटर क्षेत्र को ‘रिसीविंग एरिया’ के रूप में विकसित करने की तैयारी है। प्रस्तावित योजना के तहत ऊंची इमारतों और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। मास्टर प्लान में संशोधन के लिए 15 दिनों तक दावे और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। सरकार का मानना है कि इससे शहर का सुनियोजित विस्तार होगा और यातायात व्यवस्था भी अधिक सुगम बनेगी।



