स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी चूक: एंबुलेंस की देरी ने छीन ली चार नवजातों की जिंदगी

समय पर नहीं मिली 108 सेवा, अस्पताल पहुंचने से पहले ऑटो में हुआ प्रसव; समयपूर्व जन्म से चारों शिशुओं की मौत
मंडला ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश के मंडला जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का दर्दनाक मामला सामने आया है। बिछिया विकासखंड के ग्राम नयागांव में समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचने के कारण एक गर्भवती महिला को ऑटो से अस्पताल ले जाना पड़ा। रास्ते में ही महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया, लेकिन समयपूर्व प्रसव होने से चारों नवजातों की मौत हो गई। घटना के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
एंबुलेंस का इंतजार करती रही गर्भवती, मजबूरी में ऑटो से निकला परिवार
जानकारी के अनुसार, 28 वर्षीय गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस सेवा को सूचना दी, लेकिन काफी देर तक वाहन नहीं पहुंचा। स्थिति बिगड़ती देख परिवार ने इंतजार छोड़ ऑटो से अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया।
रास्ते में हुआ प्रसव, चारों नवजात नहीं बच सके
अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। समय से पहले प्रसव होने और आवश्यक चिकित्सीय सुविधा तत्काल उपलब्ध नहीं होने के कारण चारों नवजातों की मौत हो गई।
महिला की हालत स्थिर, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही गांव की आशा कार्यकर्ता ने महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार महिला की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन चार नवजातों की मौत से परिवार गहरे सदमे में है।
स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही पर फिर बहस
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं, विशेषकर एंबुलेंस व्यवस्था की उपलब्धता और समयबद्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस पहुंच जाती, तो शायद चारों नवजातों की जान बचाई जा सकती थी। अब पूरे मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर जवाबदेही तय करने की मांग उठने लगी है।



