बिलासपुर संभाग

रिश्वतखोरी पर ACB का शिकंजा: 50 हजार लेते रंगे हाथ पकड़े गए रेंजर और डिप्टी रेंजर

ट्रैप कार्रवाई में बड़ा खुलासा, चालान और वाहन छोड़ने के नाम पर हो रही थी वसूली

मुंगेली ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एसीबी बिलासपुर की टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। अचानकमार टाइगर रिजर्व के सुरही रेंज में ट्रैप कार्रवाई के दौरान रेंजर और डिप्टी रेंजर को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई से वन विभाग में हड़कंप मच गया है।

मामले में सुरही रेंज में पदस्थ रेंजर पल्लव नायक और डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव पर आरोप है कि उन्होंने एक प्रकरण में चालान जल्द पेश करने और जब्त वाहन को छोड़ने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। लोरमी निवासी अजीत कुमार वैष्णव ने इसकी शिकायत एसीबी से की थी, जिसके बाद पूरे मामले का सत्यापन कराया गया।

जांच में शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। 26 मार्च 2026 को प्रार्थी को कोटा स्थित मित्र मिलन रेस्टोरेंट में रिश्वत की पहली किश्त देने भेजा गया। यहां डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव ने जैसे ही 50 हजार रुपये की राशि ली, एसीबी टीम ने उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया।

कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद रेंजर पल्लव नायक की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। जांच में सामने आया कि उन्होंने भी प्रार्थी से रिश्वत की मांग की थी। एसीबी ने आरोपी मनीष श्रीवास्तव से 50 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं और दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

ऐसे बना रिश्वत का पूरा मामला
शिकायतकर्ता ने बताया कि दिसंबर 2025 में वह अपने साथियों के साथ सुरही रेंज गया था, जहां बनाई गई एक रील वायरल होने के बाद वन विभाग ने उसका वाहन जब्त कर लिया था। इस मामले में चालान जल्द पेश करने और वाहन छोड़ने के बदले पहले 70 हजार रुपये और बाद में लाखों रुपये खर्च होने की बात कही गई थी।

लगातार कार्रवाई से बढ़ा दबाव
एसीबी द्वारा पिछले दो वर्षों में यह 45वीं ट्रैप कार्रवाई है, जिससे साफ है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी अधिकारी रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल दें ताकि सख्त कार्रवाई की जा सके।

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