25 मार्च महाकाल भस्म आरती : चांदी के बेलपत्र और पुष्पमालाओं से सजे बाबा महाकाल, भक्ति से गूंजा मंदिर परिसर

उज्जैन // शिखर दर्शन // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि बुधवार तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इस दौरान भगवान महाकाल की भस्म आरती विशेष श्रृंगार और वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई।
पट खुलने के बाद गर्भगृह में विराजित भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर विधिवत पूजन किया गया। इसके पश्चात दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। इस अवसर पर बाबा महाकाल के मस्तक पर चांदी का बेलपत्र अर्पित कर आकर्षक और दिव्य श्रृंगार किया गया।
भस्म अर्पण से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई। इसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाओं से बाबा का भव्य अलंकरण किया गया।
अल सुबह भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे मंदिर परिसर में “जय श्री महाकाल” के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा।



