मध्यप्रदेश

पत्नी की गले में लगी गोली… फिर कमरे में बंद होकर पति ने खुद को उड़ाया, हादसा या हत्या ?

कांग्रेस सांसद के भतीजे के घर खून की रात: पत्नी की मौत के बाद पति की आत्महत्या ने खड़े किए सवाल

गुजरात से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शक्तिसिंह गोहिल के भतीजे यशराज सिंह गोहिल ने पत्नी की संदिग्ध गोली लगने से हुई मौत के बाद आत्महत्या कर ली। यह हृदयविदारक घटना अहमदाबाद के वस्त्रापुर इलाके स्थित एनआरआई टावर में बुधवार रात सामने आई।

यशराज सिंह गोहिल गुजरात मेरीटाइम बोर्ड में अधिकारी के पद पर कार्यरत थे और हाल ही में उन्हें क्लास-2 से क्लास-1 अधिकारी के रूप में पदोन्नति मिली थी। उनकी शादी मात्र दो महीने पहले ही राजेश्वरी से हुई थी।

पुलिस के अनुसार, बुधवार रात करीब 11:45 बजे यशराज ने 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल कर पत्नी के घायल होने की सूचना दी थी। कॉल के दौरान उन्होंने बताया कि लाइसेंसी पिस्टल से गलती से गोली चल गई, जो सीधे पत्नी के गले में जा लगी। मौके पर पहुंची मेडिकल टीम ने राजेश्वरी को मृत घोषित कर दिया।

बताया जा रहा है कि जब एंबुलेंस टीम शव को बाहर ले जाने की तैयारी कर रही थी, उसी दौरान यशराज कमरे में गए और खुद को गोली मार ली। उनकी भी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय यशराज की मां घर के दूसरे कमरे में मौजूद थीं, लेकिन उन्हें इस दर्दनाक घटना की जानकारी एंबुलेंस टीम के पहुंचने के बाद हुई।

घटना के बाद वस्त्रापुर पुलिस और क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है। एहतियातन एनआरआई टावर के गेट बंद कर दिए गए हैं और परिसर में पुलिस बल तैनात है। फ्लैट में रहने वाले लोगों के अलावा किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और दोपहर 3 बजे तक परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया की जा रही है।

परिजनों के अनुसार, यशराज और राजेश्वरी बुधवार रात एक रिश्तेदार के यहां डिनर पर गए थे। वहीं से लौटने के बाद यह घटना हुई। परिवार और करीबी लोगों का कहना है कि दोनों अपनी शादी से बेहद खुश थे। हाल ही में दोनों ने किसी मन्नत के पूरी होने पर सोला क्षेत्र स्थित रानूजा मंदिर में दर्शन भी किए थे। दोनों के वीजा की प्रक्रिया चल रही थी और अगले महीने विदेश यात्रा की योजना थी, जिसकी तैयारी राजेश्वरी कर रही थीं।

गौरतलब है कि शक्तिसिंह गोहिल गुजरात की राजनीति का जाना-पहचाना नाम हैं। वे पांच बार विधायक रह चुके हैं और 1991 से 1995 तक कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे। वर्ष 2020 में वे राज्यसभा सांसद बने और 2022 में नेता प्रतिपक्ष व प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली, हालांकि विधानसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

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