तुर्कमान गेट हिंसा: भड़काऊ पोस्ट पर ऐमन रिजवी तलब, 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स जांच के दायरे में

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // मध्य दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हुई हिंसा की जांच में दिल्ली पुलिस ने अब सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस ने ऐसे 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की सूची तैयार की है, जिन्होंने घटना वाली रात भड़काऊ पोस्ट और गलत जानकारियां साझा कर भीड़ को उकसाया। सभी को समन भेजकर जांच में शामिल होने को कहा गया है।
8 जनवरी 2026 को तुर्कमान गेट इलाके में पत्थरबाजी के आरोप में अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबेद सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। एडिशनल कमिश्नर (सेंट्रल) निधिन वल्सन के अनुसार, अब तक कुल 11 लोग (एक नाबालिग सहित) गिरफ्तार किए जा चुके हैं। CCTV फुटेज और वीडियो के आधार पर अन्य पत्थरबाजों की पहचान की जा रही है।
जांच में सामने आया कि हिंसा अचानक नहीं हुई थी। इसकी बड़ी वजह व्हाट्सएप ग्रुप्स में फैल रही झूठी खबरें थीं। लगभग 4-5 ग्रुप्स में यह अफवाह तेज़ी से फैली कि मस्जिद गिराई जा रही है। इसके बाद करीब 150-200 लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और पुलिस व नगर निगम (MCD) कर्मियों पर पत्थर और कांच की बोतलों से हमला कर दिया। इस हमले में एसएचओ समेत 5 पुलिसकर्मी घायल हुए।
नगर निगम (MCD) के उपायुक्त कुमार कुमार ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान करीब 36,000 वर्ग फुट जमीन खाली कराई गई, जिसमें एक डायग्नोस्टिक सेंटर और बैंक्वेट हॉल की दीवारें गिराई गईं। उन्होंने यह भी कहा कि मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और वह पूरी तरह सुरक्षित है। वर्तमान में इलाके में शांति बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात हैं।
पुलिस ने जामिया इलाके की रहने वाली ऐमन रिजवी को आज गुरुवार को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ऐमन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से तुर्कमान गेट और मस्जिद को लेकर कई विवादित और भड़काऊ पोस्ट किए थे। उनकी अच्छी फॉलोवर संख्या के कारण ये अफवाहें तेजी से फैलीं और हिंसा भड़कने में मदद मिली।




